लुधियाना- लुधियाना की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कंचन कुमारी उर्फ कमल कौर भाभी हत्याकांड का मुख्य आरोपी अमृतपाल सिंह मेहरों को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से पंजाब लाया गया है।
पुलिस अधिकारी सर्वजीत सिंह बराड़ के अनुसार, बठिंडा पुलिस की टीम आरोपी को UAE की अथॉरिटीज से कस्टडी में लेकर भारत पहुंची। मेहरों को इसी साल जनवरी में शारजाह पुलिस ने वीजा से जुड़े मामले में पूछताछ के दौरान हिरासत में लिया था। उसे भारत लाने (डिपोर्टेशन) की प्रक्रिया पूरी होने में कुछ समय लग गया।
11 जून 2025 को आरोपी ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर इन्फ्लुएंसर का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी थी और शव को बठिंडा के आदेश अस्पताल के बाहर खड़ी कार में छोड़ दिया था। इस मामले में उसके अन्य साथी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
वारदात के बाद अमृतपाल देश छोड़कर फरार हो गया था। पंजाब पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर उसकी लोकेशन मिडिल ईस्ट में ट्रेस की और डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू की। बाद में उसे हिरासत में लेकर भारत डिपोर्ट किया गया। 10 अप्रैल 2026 की सुबह उसे दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया।

मिडिल ईस्ट की पुलिस की मदद से पकड़ा अमृतपाल
पंजाब पुलिस के सीनियर अधिकारी सर्वजीत सिंह बराड़ ने बताया कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कंचन कुमारी उर्फ कमल कौर भाभी हत्याकांड का मुख्य आरोपी अमृतपाल सिंह महरों, जो लंबे समय से फरार था, उसे आज गिरफ्तार कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि वारदात के बाद अमृतपाल विदेश भाग गया था। बाद में मिडिल ईस्ट की पुलिस की मदद से उसे भारत लाया गया और पंजाब पुलिस के काउंटर इंटेलिजेंस विंग के ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्रैडिशन सेल (OFTEC) के जरिए गिरफ्तार किया गया।
बराड़ ने कहा कि 11 जून को बठिंडा के आदेश अस्पताल की पार्किंग के पास एक शव मिला था। इस मामले में थाना कैंट बठिंडा में केस दर्ज किया गया था। जांच के दौरान सामने आया कि इस वारदात का मुख्य आरोपी अमृतपाल सिंह महरों है, जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर कमल कौर का गला घोंटकर हत्या की थी।
कमल कौर एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर थी और वीडियो व रील्स बनाती थी, जिससे आरोपी को आपत्ति थी। इस मामले में उसके तीन साथी- जसप्रीत सिंह, निम्रतजीत सिंह और रणजीत सिंह को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
अमृतपाल लंबे समय से फरार था। उसे पकड़ने के लिए इंटरपोल के जरिए रेड नोटिस भी जारी किया गया था और अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। अब पूरी कोऑर्डिनेशन के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।








