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पंजाब में बिजली संकट पर शिरोमणि अकाली दल ने राज्य सरकार को घेरा : केएस मक्खन कहा पावर कट सरकार की अक्षमता का परिणाम; 4 साल में नहीं लगाया नया प्लांट

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नकोदर/जालंधर- नकोदर में शिरोमणि अकाली दल (SAD) के नेता केएस मक्खन ने बिजली कटौती के लिए राज्य सरकार और बिजली मंत्री को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि ये पावर कट सरकार की अक्षमता का परिणाम हैं, जिससे शहर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लोग परेशान हैं। मक्खन ने बिजली बोर्ड के कुप्रबंधन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड में कोई स्थायी चेयरमैन नहीं है और डायरेक्टर जेनरेशन का पद भी खाली पड़ा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के चेयरमैन कभी पटियाला स्थित मुख्यालय नहीं आते, जबकि बिजली मंत्री अक्सर विदेश दौरे पर रहते हैं। उनके अनुसार, इस स्थिति में विभाग भगवानभरोसे चल रहा है। उन्होंने बिजली परियोजनाओं की कमी पर भी चिंता व्यक्त की।

बिजली उत्पादन की दिशा में आगे बढ़े सरकार

मक्खन ने कहा कि सरकार ने रोपड़ में 800 मेगावाट के दो सरकारी यूनिट स्थापित किए, लेकिन पिछले चार साल से कोई नया बिजली उत्पादन प्रोजेक्ट नहीं लगाया गया है। उन्होंने सरकार से इस ओर ध्यान देने का आग्रह किया ताकि भीषण गर्मी में लोगों को राहत मिल सके।

अकाली नेता ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर वोटरों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने ‘एक भी दिन बिजली नहीं आएगी’ जैसे वादे करके लोगों को भ्रमित किया। मक्खन ने बताया कि दिनभर काम करने के बाद जब लोग रात में घर आकर आराम करना चाहते हैं, तो बिजली काट दी जाती है।

आप सरकार ने मतदाताओं को किया गुमराह

के.एस. मक्खन ने दावा किया कि AAP सरकार ने विकास के नाम पर साढ़े चार साल तक मतदाताओं को गुमराह किया है। उन्होंने भविष्यवाणी की कि आम आदमी पार्टी पंजाब में दोबारा सत्ता में नहीं आएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जब सरकार अपने ही सदस्यों का ध्यान नहीं रख पाई, जिनमें से कई भाजपा में शामिल हो गए हैं, तो लोग उन पर कैसे भरोसा करेंगे। उन्होंने मतदाताओं से इस बार स्वयं निर्णय लेने का आह्वान किया।

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