इसकी जानकारी सेवा केंद्र कर्मचारी युनियन के प्रदेश अध्यक्ष जसविंदर सिंह गिल ने दी है। जसविंदर गिल का आरोप है कि आधार कार्ड और अन्य नागरिक सेवाओं में मामूली त्रुटियों या तकनीकी कारणों का हवाला देकर उन पर अमानवीय तरीके से पेनल्टी थोपी जा रही है, जिससे उनके सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। जसविंदर गिल ने बताया कि वीरवार शाम को उनकी प्रदेश स्तरीय बैठक होने जा रही है। जिसमें अगामी एक्शन पर विचार-विमर्श के बाद ऐलान किया जाएगा।


1 से 1.5 लाख रुपए तक लगाया जा रहा जुर्माना: जसविंदर सैनी
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला प्रधान जसविंदर सैनी ने कहा कि सेवा केंद्र ऑपरेटरों पर बिना किसी न्यायसंगत प्रक्रिया के 1 लाख रुपए से लेकर 1.5 लाख रुपए तक की भारी पेनल्टी लगाई जा रही है। इतने भारी जुर्माने से संचालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है और उनके लिए सेवा केंद्रों का संचालन करना पूरी तरह असंभव होता जा रहा है।
हम लंबे समय से पंजाब सरकार, डीजीआर (डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नेंस रिफॉर्म्स) और संबंधित कंपनियों के समक्ष अपनी समस्याएं उठा रहे हैं, लेकिन हमारी मांगों को लगातार अनदेखा किया जा रहा है।
सीएम भगवंत मान के हस्तक्षेप तक जारी रहेगा आंदोलन
जिला प्रधान और अन्य प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप कर पेनल्टी प्रक्रिया की समीक्षा नहीं करवाते और ऑपरेटरों को राहत नहीं प्रदान करते, तब तक उनका यह विरोध प्रदर्शन और हड़ताल जारी रहेगी।
सेवा केंद्र ऑपरेटरों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि कथित मनमानी पेनल्टी प्रणाली पर तुरंत रोक लगाई जाए, पुरानी पेनल्टी रद्द की जाए और ऑपरेटरों की न्यायसंगत समस्याओं का जल्द से जल्द स्थायी समाधान निकाला जाए।






