best news portal development company in india

पठानकोट में बारिश जनजीवन अस्त व्यस्त : उफान पर खड्ड-नाले, 80 से ज्यादा स्कूल बंद, दिल्ली-कटड़ा रेल पुल पर भी मंडराने लगा संकट

SHARE:

पठानकोट। पंजाब के पठानकोट और साथ लगते हिमाचल प्रदेश में वीरवार रात से हो रही लगातार बारिश से हाहाकार मच गया है। पठानकोट के कंडी क्षेत्र में बारिश ने जहां भारी तबाही मचाई है। वहीं, पठानकोट निकट चक्की खड्ड में 50 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी का लेवल दर्ज होने पर दिल्ली-कटड़ा रेल पुल पर भी संकट मंडराने लगा है। दूसरी तरफ, बॉर्डर क्षेत्र बमियाल से गुजरते उज्ज दरिया में भी बढ़े जलस्तर ने भी जिला प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी है। शुक्रवार सुबह डीसी पठानकोट आदित्य उप्पल ने बॉर्डर क्षेत्र के सभी स्कूलों को आगले आदेशों तक बंद करवा दिया है।

रेल पुल का जायजा लेने जम्मू नार्दन डिवीजन से आए अधिकारी


अंग्रेजों के जमाने से बना दिल्ली-कटड़ा रेल पुल पर खतरा मंडराता देख सुबह ही जम्मू नार्दन डिवीजन से अधिकारी जायजा लेने पहुंचे। पुल के नीचे भारी भूस्खलन होता रहा और पुल से ट्रेनें यात्रियों को लेकर गुजरती रही। ऐसे में अधिकारियों का कहना था कि गत रात 12 बजे से ही डलहौजी साइड से बारिश कारण चक्की खड्ड में जलस्तर बढ़ रहा है। अगर पानी का जलस्तर कम नहीं हुआ तो रेल पुल बंद करना पड़ सकता है। क्योंकि रेलवे किसी की जान से खिलवाड़ नहीं कर सकता। इससे पहले 20 और 21 जुलाई को दिल्ली-कटड़ा रेलवे पुल के नीचे भारी भूस्खलन हुआ था और तब भी कटाव के बावजूद पुल से ट्रेनें उप डाउन हो रही हैं। 23 जुलाई को उत्तर रेलवे दिल्ली के अधिकारियों ने एक बयान जारी कर कहा था कि उक्त पुल पूरी तरह सुरक्षित है लेकिन, आज अधिकारियों के बयान चौंकाने वाले थे और उनके मुताबिक जलस्तर बढ़ने से पुल खतरे में हो सकता है।

83 स्कूलों पर एकदम से जड़ा ताला, छात्र और लोग चौंके


जिले के बॉर्डर क्षेत्र ब्लॉक बमियाल में जैसे ही डीसी ने एक दिन लिए स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी किया तो तुरंत सुबह 10 बजे के करीब छात्रों को घर भेजने का सिलसिल शुरू हो गया। सरकारी और गैर सरकारी कुल 83 स्कूलों के मुख्य गेटों पर ताले लगा दिए गए। 


इसी तरह, चक्की पुल निकट तूड़ी वाला चौक भी पानी से भर गया। वहां से गुजर रही एक कार फंस गई। सुरक्षा बलों की तरफ से पहुंच करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद कार समेत चालक को सुरक्षित बाहर निकाला गया। शहर और ग्रामीण क्षेत्र के नाले, दरिया, खड्डें उफान पर हैं। कई रास्ते धंस चुके हैं। लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में परेशानियां उठानी पड़ी। हालांकि जिला प्रशासन द्वारा अभी तक कोई रूट डायवर्ट तक नहीं किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

best news portal development company in india
सबसे ज्यादा पड़ गई