अमृतसर। पंजाब में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है, हालांकि अगले 5 दिन बारिश को लेकर कोई अलर्ट नहीं है। यह राज्य के लिए बड़ी राहत की खबर है। इसी बीच राहत और बचाव कार्य तेज हो गए हैं। अमृतसर के रमदास में रावी नदी से टूटे धुस्सी बांध को भरने का काम जारी है, जबकि पठानकोट से तरनतारन तक कई जगहों पर पानी का स्तर कम होना शुरू हो गया है।
लुधियाना जिले के ससराली गांव के पास सतलुज नदी का बांध बेहद कमजोर हो गया है। बांध पर तेज बहाव का दबाव है, जिससे 14 गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। उधर, माछीवाड़ा एरिया में भी सतलुज का पानी बांध तक पहुंच गया है। भाखड़ा बांध का जलस्तर अब खतरे के निशान से मात्र एक फीट नीचे रह गया है। लगातार पानी की आमद बढ़ने से चारों फ्लड गेट्स 10-10 फुट तक खोले गए हैं। इसका असर रूपनगर, लुधियाना और हरिके हेडवर्क तक देखने को मिल रहा है।
पंजाब सरकार की कैबिनेट मीटिंग आज सीएम आवास पर होगी। बैठक में बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। वहीं, पटियाला में घग्गर नदी के जलस्तर को देखते हुए NDRF की टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।








