अमृतसर। पंजाब के अमृतसर से निकला 92 यात्रियों का जत्था नेपाल में हालात बिगड़ने के बीच फंसा हुआ है। कर्फ्यू, आगजनी और प्रदर्शन की घटनाओं के बीच जत्था रात के समय नेपाल के बॉर्डर तक पहुंचा है। आज कोशिश होगी कि ये जत्था बॉर्डर क्रॉस कर सुरक्षित भारत आ जाए।

जत्थे ने रात के अंधेरे में तय किया सफर
नेपाल में बिगड़े हालात को देखते हुए जत्थे ने अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रात के समय सफर करने का निर्णय लिया। रिंकू बटवाल ने वीडियो शेयर कर बताया कि 9 सितंबर वे सभी पोखरा में थे। सड़कों पर तनाव और कर्फ्यू का माहौल था। बाइक पर युवा प्रदर्शन करते हुए दिखे। होटल के चारों तरफ आग लगी बिल्डिंगों से धुआं उठता दिख रहा था।
प्रशासन की तरफ से इलाके में कर्फ्यू लगा दिया गया। जिसके बाद वे 9-10 सितंबर की रात को नेपाल बॉर्डर की तरफ निकले।

भैरहवा बॉर्डर पर इंतजार
रातभर के सफर के बाद जत्था 10 सितंबर को नेपाल-भारत सीमा पर स्थित भैरहवा (भैरवा) बॉर्डर तक पहुंच गया। यहां फिलहाल यात्रियों को रोका गया है और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। जत्थे से जुड़े लोगों का कहना है कि अब वे किसी भी तरह से सुरक्षित भारत लौटना चाहते हैं। आज जत्था भारत में प्रवेश की कोशिश करेगा और उम्मीद है कि उन्हें अनुमति मिल जाएगी।
भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ाई गई सुरक्षा
नेपाल में लगातार बढ़ रही हिंसा को देखते हुए भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने भी सीमा पर चौकसी बढ़ा रखी है। सीमा पर आने-जाने वालों की सख्त जांच की जा रही है। हालात बिगड़ने पर कई जगहों पर अस्थायी रोक-टोक भी लगाई गई है। सूत्रों का कहना है कि भारतीय एजेंसियां नेपाल में फंसे नागरिकों की सूची तैयार कर रही हैं और प्राथमिकता के आधार पर उन्हें सुरक्षित भारत लाने की कोशिश की जा रही है।








