पंजाब के गांवों में रह रहे प्रवासियों (बाहरी लोगों) की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। क्योंकि एक के बाद एक पंचायतें प्रवासियों को गांव को छोड़ने के लिए तुगलकी फरमान निकाल रही हैं। इससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।
लुधियाना । पंजाब के होशियारपुर में प्रवासी व्यक्ति द्वारा बच्चे की हत्या की घटना के बाद प्रदेश के कई गांवों में प्रवासियों की एंट्री बैन की जा रही है। गांवों की पंचायतें प्रवासियों के लिए तुगलकी फरमान जारी कर रही हैं। हालांकि इसको लेकर विवाद भी बढ़ता जा रहा है। ऐसे में लुधियाना के गांव कटाणी कलां की पंचायत ने भी अब कई तुगलगी फरमान जारी किए हैं। इसके बाद वहां रहने वाले प्रवासियों की मुसीबतें बढ़ने लगी हैं।

कटाणी कलां की पंचायत की तरफ से प्रवासियों के लिए चेतावनी जारी जारी करते हुए दिवाली से पहले गांव को खाली करने के लिए कहा गया है। पंचायत की तरफ से कहा गया है कि गांव में जितने भी प्रवासी हैं वह 15 अक्तूबर से पहले गांव खाली कर दें, नहीं तो उन्हें निकाला जाएगा। इसके बाद प्रवासियों में डर का माहौल बना हुआ है। ग्राम सभा की तरफ से जारी किए गए फरमान की कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। पुलिस इसे अपने तौर पर जांच करने में जुटी है।
गांव के सरपंच मंजीत सिंह ने बताया कि जिनके मकान गांव में है वह प्रवासी मजदूर यहां रह सकते है। चाहे वह प्रवासी पंजाबी ही क्यों न हो। उन्होंने कहा कि क्राइम लगातार बढ़ रहा है और कई लोग उनकी वेरिफिकेशन नहीं करवाते। गांव की ग्राम सभा द्वारा सात प्वाइंट जारी किए गए है। जिनमें प्रवासी मजदूरों को यहां रहने से मना करने को लेकर है। जिसमें साफ कहा गया है कि कोई भी गांववासी प्रवासी मजदूरों को या फिर प्रवासी पंजाबियों को मकान या फिर दुकान किराए पर न दे। जिन्होंने दे रखी है वह खाली करवाए। गांव में दुकानदार प्लास्टिक के लिफाफे न दे नहीं तो 10 अक्तूबर तक पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। जो लोग गांव में शादी करवा रहे हैं उन्हें गांव से बायकॉट किया जाएगा। गांव में किसी ने भी गांव की सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है वह खुद ही सामान उठवा ले नहीं तो उसका सामान गांव की पंचायत उठाएगी। जो प्रवासी या प्रवासी पंजाबी गांव में पक्का घर लेकर रह रहा है अगर उनकी तरफ से कोई क्राइम किया जाता है तो उन्हें घर छोड़ना पड़ेगा या फिर वह खुद ही घर को ताला लगाकर चला जाए। अगर 15 अक्तूबर तक नशा बिकना बंद न हुआ तो गुरुद्वारा साहिब में उनके नाम स्पीकर कर बोले जाएंगे नहीं तो वह खुद ही सुधर जाएं। इसके साथ साथ यह भी एलान किया गया है कि 26 अक्तूबर को अगला इजलास बुलाया जाएगा ताकि आगे के फैसले लिए जा सके।








