जालंधर। जालंधर के अंबेडकर नगर में 800 के करीब घर गिराए जाने को लेकर पावरकॉम अधिकारियों और लोगों ने सेशन कोर्ट का रुख किया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान अगली डेट 14 नवंबर मिली है। तब तक के लिए लोगों ने राहत की सांस ली है। कोर्ट में अंबेडकर नगर के लोगों ने अपना पक्ष रखा है। अंबेडकर नगर के जगदीप राय ने बताया कि सोमवार को वह अपने वकील गुरविंदर अरोड़ा और सुशांत शर्मा के माध्यम से कोर्ट में गए थे। इस दौरान उन्होंने अपना वकालतनामा दे दिया है। जालंधर की अदालत ने उनको इस मसले पर सुनवाई के लिए 14 नवंबर की डेट दी है।
बात नहीं बनेगी तो हाईकोर्ट का रुख अपनाएंगे
जगदीप राय ने बताया कि पहले तो वह लोकल प्रशासन और नेताओं के माध्यम से इस मसले का कोई हल निकालने की कोशिश करेंगे। जालंधर की अदालत से उन्हें राहत मिलने की उम्मीद है। उनके वकील भी अदालत में अपना पक्ष रखेंगे। इसके लिए कॉलोनी के मोहतबर लोगों ने अपने पक्ष में डॉक्यूमेंट दे दिए हैं। अगर सेशन कोर्ट से कोई राहत नहीं मिलती है तो वकीलों की राय के अनुसार वह हाईकोर्ट तक जाएंगे।
800 घर गिराने के लिए 24 घंटे का दिया था अल्टीमेटम
अंबेडकर नगर की काउंसलर के बेटे जतिंदर जोनी के अनुसार, उनको पावरकॉम ने कोई नोटिस नहीं दिया है। विभाग से कुछ लोग आए थे और 24 घंटे में घरों को खाली करने की बात कहकर चले गए थे। उन्होंने कहा कि लोग इसके बाद से डर गए थे। अब कोर्ट ने अगली तारीख तय की है। हमें उम्मीद है कि कोर्ट से स्टे मिल सकता है। अगर नहीं मिला तो जो भी कानूनी रास्ता होगा, अपनाया जाएगा।








