कर्मियों का आरोप है कि सरकार न तो उन्हें पक्का कर रही है और न ही अपने अधिकारों की मांग करने दे रही है। रोडवेज के कच्चे कर्मियों ने शुक्रवार को हड़ताल का एलान किया था, लेकिन पुलिस ने सरकारी निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए धरना शुरू होने से पहले ही कई यूनियन नेताओं को उनके घरों से उठा लिया था। धरने पर मौजूद अन्य कर्मचारियों को भी हिरासत में लेकर कुछ समय के लिए थानों में रखा गया।
महिंदर सिंह, ने कहा पुलिस ने शुक्रवार को जिन नेतताओं को घरों से उठाया गया, उन्हें बिना शर्त रिहा किया जाए। नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में कर्मचारियों ने शनिवार को बिना किसी नेतृत्व के ही बस स्टैंड पहुंचकर धरना शुरू कर दिया।
बठिंडा में भी विरोध प्रदर्शन कर रहे मुलाजिम
किलोमीटर स्कीम का विरोध करते आ रहे पीआरटीसी और पनबस कर्मियों ने शनिवार को अनिश्चित काल समय के लिए हड़ताल शुरू कर दी है। ठेका मुलाजिम यूनियन आउट सोर्सिंग के नेताओं ने कहा कि अब आर पार की लड़ाई होगी। उन्होंने कहा कि जब किलोमीटर स्कीम वाले टेंडर वापिस नहीं लिए जाते तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
बताते चले कि बीते दिन शुक्रवार को कच्चे कर्मियों ने चक्का जाम करना था।लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने यूनियन नेताओं और कुछ वर्करों को हिरासत में ले लिया था। जिसके बाद गुस्साए 11 कर्मी पेट्रोल की बोतले लेकर पानी की टैंकी पर चढ़ गए थे। बीती रात जब पुलिस ने हिरासत में लिए कच्चे कर्मियों को रिहा कर दिया था तो उसके बाद कच्चे कर्मी पानी की टैंकी से नीचे उतर आए थे।








