जालंधर। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर के सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने चन्नी करदा मसले हल सीरीज के तहत पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आंगनबाड़ी वर्करों, हेल्परों, गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों की सेहत से जुड़े गंभीर सवाल खड़े किए। चन्नी ने कहा कि सरकार पैसे और जगह से तो कमा सकती है। लेकिन गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
चन्नी ने कहा कि पहले वेरका देसी घी की डाइट मिलती थी
चन्नी ने कहा कि पहले वेरका के जरिए अच्छा और पौष्टिक देसी घी का राशन दिया जाता था। लेकिन अब चार निजी फर्मों को ठेका देकर बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा राशन इतना खराब है कि कई बार आंगनबाड़ी वर्करों को उसे फेंकना पड़ता है, क्योंकि न तो बच्चे उसे खाते हैं और न ही जानवर। बच्चों के मां बाप इस डाइट को लेने से मना कर रहे हैं।
कई बार पूरा सामान नहर में फेंकना पड़ता है। पूर्व सीएम ने कई इलाकों का उदाहरण देते हुए बताया कि कई जगह आंगनबाड़ी सेंटर गुरुद्वारों के लंगर हॉल, धर्मशालाओं या जर्जर इमारतों में चल रहे हैं, जहां सांप-बिच्छुओं का खतरा बना रहता है। कई सेंटरों में पानी, बिजली, वॉशरूम और किचन तक की व्यवस्था नहीं है। वेतन को लेकर भी चन्नी ने सरकार को घेरा।
चन्नी बोले-मेरे मुख्यमंत्री काल में सैलरी बढ़ी
पूर्व सीएम ने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर वर्षों से कम वेतन पर काम कर रही हैं। कई महीनों तक मानदेय नहीं मिलता और विरोध करने पर उन्हें धमकियां दी जाती हैं। उन्होंने याद दिलाया कि अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों की सैलरी में बढ़ोतरी की थी। और हर साल इंक्रीमेंट का प्रावधान किया था।
चन्नी ने कहा कि 20-20 साल तक कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रही आंगनवाड़ी वर्करों को न प्रमोशन मिलता है, न पेंशन और न ही नौकरी की सुरक्षा। उन्होंने मांग की कि आंगनवाड़ी वर्करों को स्थायी किया जाए, सम्मानजनक वेतन दिया जाए और बच्चों व गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण पोषण उपलब्ध कराया जाए।
अंत में चन्नी ने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर आंगनवाड़ी व्यवस्था को फिर से मजबूत किया जाएगा और वर्करों को उनका हक दिलाया जाएगा।







