मोहाली- पंजाब की मोहाली पुलिस ने कबड्डी खिलाड़ी राणा बलाचौरिया की हत्या में शामिल एक आरोपी एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। पुलिस का कहना है कि वे आरोपी करण डिफाल्टर को शुक्रवार की रात में छाती में दर्द की शिकायत पर अस्पताल ले जा रहे थे। इसी दौरान वह हथकड़ी छुड़वाकर फरार हो गया।
इसकी जानकारी मिलते ही मोहाली SSP हरमनदीप सिंह हंस मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। मीडिया ने उनसे सवाल किया कि करण डिफाल्टर के पास हथियार कहां से आया? इस पर एसएसपी ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
बता दें कि आरोपी करण डिफाल्टर ने ही कुछ समय पहले गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया की मां की गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। वह इस मामले में भी वांछित है। पुलिस ने उसे दो दिन पहले ही राणा बलाचौरिया के हत्या के मामले में पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया था। शनिवार को यह एनकाउंटर एयरपोर्ट रोड पर हुआ।

हथकड़ी छुड़वाकर फरार हुआ था करन डिफाल्टर
मोहाली SSP हरमनदीप सिंह हंस ने बताया कि करन को सीआईए में रखा गया था, उसने देर रात छाती में दर्द की शिकायत की थी। जिसे अस्पताल ले जाया गया था। रात को करीबन 11 बजकर 30 मिनट पर जब पुलिस की गाड़ी डिवाइडर पर चढ़ गई तो पुलिस ने गाड़ी रोककर जांच करनी चाही तो यह हथकड़ी छुड़वाकर फरार हो गया था। सुबह जांच के दौरान वह पुलिस को मिल गया था।
उसने पुलिस पर फायरिंग की थी। पुलिस ने जब जवाबी फायरिंग की तो उसके पैर में गोली लग गई। जमीन पर गिरने के बाद भी उसने पुलिस पर फायरिंग की। इसके बाद जवाबी फायरिंग में उसे गोलियां लग गई। उसे पहले निजी अस्पताल ले जाया गया था, यहां से उसे सरकारी अस्पताल चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया, वहां पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पूरी प्लानिंग से की थी राणा बलाचौरिया की हत्या-एसएसपी
एसएसपी हरमदीप सिंह हंस के मुताबिक, राणा बलाचौरिया की हत्या में मुख्य रूप से तीन लोग सीधे तौर पर शामिल थे। इनमें करण पाठक उर्फ करण डिफॉल्टर निवासी अमृतसर, तरनदीप सिंह निवासी बरहेवाल, लुधियाना और आकाशदीप सिंह निवासी तरनतारन शामिल हैं। 15 दिसंबर 2025 को आरोपी खरड़ फ्लैट से सीधे सोहाना स्थित कबड्डी कैंप में पहुंचे थे। वहां शाम के समय उन्होंने राणा बलाचौरिया से फोटो (सेल्फी) लेने के बहाने पास आकर सिर में गोली मार दी। यह काम मुख्य रूप से करण पाठक और आदित्य कपूर ने किया था।
इसके बाद तरनदीप सिंह उन्हें मोटरसाइकिल पर वहां से लेकर निकाल गया था। फिर सोहाना इलाके में इन्होंने अपना वाहन बदल लिया। इसके बाद वे टैक्सी से पहले पानीपत, फिर दिल्ली पहुंचे। दिल्ली से बैंगलोर, बैंगलोर से मुंबई, मुंबई से कोलकाता और कोलकाता से सिलीगुड़ी गए।
पुलिस की टीमें उनके पीछे लगी हुई थीं। जैसे ही वे दोबारा कोलकाता लौटे, वहां पश्चिम बंगाल पुलिस, कोलकाता STF और सेंट्रल एजेंसियों के साथ मिलकर पंजाब पुलिस की AGTF ने उन्हें 12 जनवरी 2026 को हावड़ा स्टेशन के पास गिरफ्तार कर लिया था।








