जालंधर। जालंधर के सिविल अस्पताल के बाहर पुलिस और एक ऑटो चालक के बीच जमकर हंगामा हुआ। यह विवाद तब शुरू हुआ जब थाना नंबर 4 की पुलिस ने वन-वे जोन में ऑटो का चालान काटने और उसे थाने ले जाने की कोशिश की। ऑटो चालक का आरोप है कि वह मरीज छोड़कर आ रहा था, फिर भी उसे निशाना बनाया गया, जबकि पुलिस ने इन आरोपों को नकारते हुए चालक पर सहयोग न करने की बात कही।
भेदभाव और चाबी निकालने के आरोप
हंगामे के दौरान ऑटो चालक ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। चालक का कहना था कि अस्पताल के बाहर ‘वन-वे’ जोन होने के बावजूद भारी संख्या में ऑटो खड़े रहते हैं, लेकिन पुलिस उन पर कार्रवाई नहीं करती। उसने आरोप लगाया कि कैमरा सामने आने पर पुलिस ने दिखावे के लिए अन्य ऑटो के चालान काटे। चालक ने यह भी दावा किया कि पुलिस कर्मी ने उसके ऑटो की चाबी जबरन निकाल ली थी, हालांकि पुलिस ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया।

नियमों का उल्लंघन
वहीं, ड्यूटी पर मौजूद पुलिस अधिकारी कुलवंत और ट्रैफिक इंचार्ज ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि इस क्षेत्र में ऑटो का प्रवेश प्रतिबंधित है। पुलिस के अनुसार, चालक को चौक पर रुकने का इशारा किया गया था, लेकिन वह नहीं रुका। इसके बाद बाइक से उसका पीछा कर उसे रोका गया। पुलिस का कहना है कि जब उससे दस्तावेज मांगे गए, तो उसने दिखाने से इनकार कर दिया, जिसके कारण उसे थाने चलने को कहा गया।
पार्षद के हस्तक्षेप के बाद शांत हुआ मामला
काफी देर तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे की सूचना मिलते ही कांग्रेस पार्षद शैरी चड्ढा मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों की बात सुनी और बीच-बचाव किया। पार्षद के हस्तक्षेप और समझाने-बुझाने के बाद मामला शांत हुआ।








