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पंजाब बजट में बड़ा ऐलान : पंजाब में महिलाओं को 1000 महीना स्कीम में क्या-क्या मिला,SC महिला को 1500 मिलेंगे, पेंशनर्स को भी लाभ; वित्तमंत्री चीमा का हरियाणा पर तंज: हम जुमलेबाज नहीं

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चंडीगढ़- पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को 1000 रुपए महीना देने का ऐलान कर दिया है। खास बात ये है कि SC वर्ग की महिलाओं को 500 रुपए ज्यादा यानी 1500 रुपए महीने दिए जाएंगे। योजना का नाम मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार स्कीम रखा गया है। इस पर पंजाब सरकार 9,300 करोड़ रुपए खर्च करेगी।

पेंशनधारकों को भी इसका लाभ मिलेगा। हालांकि सरकारी कर्मचारियों और सांसदों-विधायकों को इससे बाहर रखा गया है। खास बात ये है कि AAP सरकार ने इस स्कीम को लेकर हरियाणा की BJP सरकार पर भी तंज कसा है। वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने विधानसभा में बोलते हुए कहा कि हमारे पड़ोसी राज्य की सरकार ने इनकम लिमिट लगा दी। जिसमें सिर्फ 20% महिलाएं ही कवर होती हैं।

वित्तमंत्री ने कहा कि हम जुमलेबाजी नहीं करते। पंजाब में इस स्कीम से 97% महिलाएं कवर होंगी। CM भगवंत मान सिर्फ 20% महिलाओं नहीं बल्कि 100% महिलाओं के मुख्यमंत्री हैं।

SC महिलाओं को 500 रुपए ज्यादा मिलेंगे

वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ शुरू की गई है। इस योजना के तहत पंजाब की हर बालिग महिला को हर महीने 1000 रुपए सीधे उसके बैंक खाते में दिए जाएंगे। इसके अलावा SC समुदाय की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए सीधे उनके खाते में दिए जाएंगे।

वित्तमंत्री चीमा ने कहा- मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह योजना सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की पहली डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (यूनिवर्सल कैश ट्रांसफर) योजना होगी, जो महिलाओं के लिए शुरू की जा रही है। पंजाब में 18 वर्ष से अधिक उम्र की हर महिला इस योजना के तहत पंजीकरण करा सकेगी।

सरकारी कर्मचारी, सांसद-विधायकों को लाभ नहीं

चीमा ने कहा- केवल कुछ कैटेगरी की महिलाओं को इस स्कीम से बाहर रखा गया है, जिनमें मौजूदा या पूर्व स्थायी सरकारी कर्मचारी, मौजूदा या पूर्व सांसद/विधायक और आयकर देने वाली महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा जो महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं जैसे बुजुर्ग पेंशन, विधवा/निराश्रित महिला पेंशन या दिव्यांग पेंशन ले रही हैं, वे भी इस योजना के लिए पात्र होंगी।

चीमा ने कहा- कुल मिलाकर पंजाब की लगभग 97% बालिग महिलाएं इस योजना के दायरे में आएंगी, जो भारत के किसी भी राज्य में सबसे अधिक कवरेज है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना, घर के फैसलों में उनकी भूमिका को मजबूत करना, स्वास्थ्य और पोषण के स्तर में सुधार लाना और लड़कियों को पढ़ाई जारी रखने तथा बड़े सपने देखने के लिए प्रोत्साहित करना है।

पड़ोसी राज्य ने इनकम लिमिट लगाई, सिर्फ 20% को लाभ

चीमा ने कहा- कई राज्यों ने ऐसी योजनाओं की घोषणा तो की है, लेकिन वे उन्हें सिर्फ महिलाओं के एक छोटे वर्ग तक सीमित कर देते हैं और उन बड़ी संख्या में महिलाओं को नजरअंदाज कर देते हैं जो अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए भी पुरुषों पर आर्थिक रूप से निर्भर हैं।

उदाहरण के तौर पर, हमारे एक पड़ोसी राज्य ने भी ऐसी ही योजना घोषित की, लेकिन उसे सालाना ₹1 लाख से कम आय वाले परिवारों तक ही सीमित रखा, जिससे सिर्फ लगभग 20% बालिग महिलाएं ही कवर होती हैं। पंजाब ऐसी जुमलेबाजी नहीं करेगा। CM भगवंत मान पंजाब की सिर्फ 20% महिलाओं के नहीं, बल्कि पंजाब की हर महिला के मुख्यमंत्री हैं। इसीलिए हमने फैसला किया है कि इस योजना के तहत राज्य की सभी बालिग महिलाओं को कवर किया जाएगा।

किताबों-कोचिंग, फिल्म देखने के लिए पैसे मांगने की जरूरत नहीं

चीमा ने कहा कि चाहे कॉलेज में पढ़ने वाली बेटी हो जिसे अतिरिक्त किताबों की जरूरत हो, सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही बेटी हो जिसे कोचिंग की जरूरत हो, कोई महिला जो सिनेमा हॉल में फिल्म देखना चाहती हो, या कोई दादी जो अपनी पोती के लिए नया खिलौना खरीदना चाहती हो, अब उन्हें अपने खर्चों के लिए किसी से पैसे मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

अब उनके बड़े भाई और बेटे सरदार भगवंत सिंह मान हर महीने ₹1000 से ₹1500 सीधे उनके बैंक खाते में जमा करवाएंगे। चीमा ने कहा कि इस योजना को पारदर्शी और समय पर लागू करने के लिए वित्त वर्ष 2026–27 में ₹9,300 करोड़ का विशेष बजट रखा गया है।

मुफ्त बस यात्रा भी जारी रहेगी

वित्तमंत्री चीमा ने कहा- इस सीधी आर्थिक सहायता के साथ-साथ सरकार पंजाब में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा भी जारी रखेगी। यह सुविधा महिलाओं के लिए आवागमन, अवसर और पहुंच बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण साधन बन चुकी है। पिछले एक साल में ही इस योजना के तहत महिलाओं ने लगभग 12 करोड़ मुफ्त बस यात्राएं की हैं, जो इसकी लोकप्रियता और सामाजिक प्रभाव को दिखाता है। इस सुविधा से महिलाओं को काम, पढ़ाई, इलाज और पारिवारिक जिम्मेदारियों के लिए यात्रा करने में आर्थिक बोझ नहीं पड़ता। इस योजना को जारी रखने के लिए वित्त वर्ष 2026–27 में ₹600 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

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