जालंधर– जालंधर में पनबस के कच्चे कर्मचारियों ने लंबित मांगों को लेकर 10 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल का बिगुल फूंक दिया है। पीआरटीसी के कच्चे मुलाजिम भी कल दोपहर 12 बजे से इस हड़ताल में शामिल होने जा रहे हैं। बता दें की जालंधर में पंनबस की संख्या लगभग 200 है।
कर्मचारियों में सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश है। उन्होंने ऐलान किया है कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो आने वाली 11 जून को मुख्यमंत्री आवास (सीएम कोठी) का घेराव किया जाएगा।
मांगों की अनदेखी से भड़का गुस्सा
मामले की जानकारी देते हुए डिपो-1 के प्रधान विक्रम सिंह ने बताया कि कच्चे कर्मचारी पिछले एक लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर प्रशासन और सरकार से गुहार लगा रहे हैं। इसके बावजूद सरकार की तरफ से केवल खोखले आश्वासन ही मिल रहे हैं।
वित्त मंत्री के फैसले पर जताया कड़ा रोष
विक्रम सिंह ने बताया कि आज राज्य के वित्त मंत्री द्वारा वोल्वो बसों को हरी झंडी दिखाई गई। सरकार के इसी कदम ने आग में घी डालने का काम किया है। कर्मचारियों का कहना है कि वित्त मंत्री अगर प्राइवेट मालिकों की बसों को प्रमोट करने और उन्हें हरी झंडी देने की जगह, सरकारी बेड़े में नई बसों को शामिल करने का ऐलान करते, तो इस हड़ताल को टाला जा सकता था।
यात्रियों की बढ़ेंगी मुश्किलें, आंदोलन होगा तेज
कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि उनकी यह हड़ताल अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगी और इसके लिए उन्होंने पहले ही विभाग को लिखित नोटिफिकेशन जारी कर दिया था। बुधवार दोपहर 12 बजे से पीआरटीसी के संविदा कर्मचारी भी पूरी तरह से काम बंद कर देंगे।
दो प्रमुख परिवहन संगठनों के एक साथ आने से पंजाब भर में आम जनता और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।








