चंडीगढ़- पंजाब में मानसून आने में कुछ समय शेष रह गया है। इस बार पानी को लेकर पंजाब हरियाणा में कोई विवाद भी नहीं हुआ है। लेकिन इससे पहले बीबीएमबी चिंता में आ गई है, क्योंकि भाखड़ा में जलस्तर बढ़ गया है। ऐसे में बीबीएमबी ने इस पर चिंता जताई है।
इसके साथ ही सभी हिस्सेदार राज्यों को पानी लेने के लिए कहा है। भाखड़ा का जलस्तर इस समय 1578 फुट तक पहुंच गया है। गर्मी बहुत अधिक है। क्योंकि पानी का स्तर ऐसे बना रहता है तो आने वाले समय में बाढ़ की स्थिति बन सकती है। पंजाब की तरफ से अपनी डिमांड भेज दी गई है।
अब 3 पाइंट में जानिए की यह सारा मामला
1. बीबीएमबी ने सलाह दी है कि धान का सीजन चल रहा है। ऐसे में पंजाब और हरियाणा अपने कोटे का पानी इस्तेमाल करें। भाखड़ा बांध का जलस्तर इस समय 1,578.07 फीट तक पहुंच चुका है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 21.47 फीट अधिक है।
3. बांध में पहले से जलस्तर अधिक होने के कारण यदि मानसून में अचानक पानी बढ़ता है, तो निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा हो सकता है। इससे बचने के लिए पानी रिलीज करना समझदारी है।
ऐसे मिलता है राज्यों को पानी
बीबीएमबी हर साल मानसून की स्थिति और बांधों में पानी की आवक के आधार पर वार्षिक कोटा (वार्षिक लेखा वर्ष के अनुसार) तय करता है। सामान्य या हालिया वर्षों के रिकॉर्ड (जैसे वर्तमान चक्र) के अनुसार, सालभर के लिए मुख्य राज्यों का वार्षिक पानी आवंटन मिलियन एकड़ फीट (MAF) में इस प्रकार है।
इस हिसाब से पंजाब का 5.512 MAF पानी मिता है। इस तरह हरियाणा को 2.987 MAF व राजस्थान को 3.318 MAF को पानी मिलता है। पानी की बांट 21 मई से शुरू होकर अगले वर्ष के 20 मई तक दिया जाता है।
1987 के बाद पिछले साल आई थी बाढ़
पंजाब में पिछले साल 1987 में बाढ़ आई थी। राज्य सरकार की तरफ से 23 राज्यों में आपदा घोषित कर दी थी। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर से लेकर कृषि मंत्री ने पंजाब का दौरा किया था पैकेज का ऐलान भी हुआ था। इसके बाद केंद्र व पंजाब सरका में विवाद हो गया था।








