जालंधर- रेल राज्यमंत्री रवनीत बिट्टू 24 जून को जालंधर में 2 रोड ओवरब्रिज की सौगात लेकर जांलधर पहुंचे। गुरु नानक पुरा और बस स्टैंड फाटक पर 112 करोड़ की लागत से आरओबी बनाने का नींव पत्थर नीव रखा। केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने ₹112.93 करोड़ की लागत से बनने वाले इन 2 आरओबी प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास किया।
उन्होंने दावा किया कि केंद्र के पास फंड की कोई कमी नहीं है और एक साल के भीतर इस काम को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर बिट्टू ने साफ किया कि अगर पार्टी चाहेगी, तो वह चुनाव मैदान में उतरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

जालंधर के गुरुनानक पुरा फाटक पर बिट्टू ने किया शिलान्यास।
2 व्यस्त फाटकों पर बनेंगे ओवरब्रिज
जालंधर में गुरु नानकपुरा फाटक पर बनने वाले आरओबी (ROB) निर्माण को लेकर एक शिलान्यास समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने ₹112.93 करोड़ की लागत से बनने वाले ‘गुरु नानकपुरा फाटक बी-67’ और ‘गढ़ा फाटक एस-4’ का डिजिटल शिलान्यास किया।
भाजपा 2 साल से कर रही थी प्रयास
मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने बताया कि गुरु नानकपुरा रेलवे फाटक के लिए पहले 200 करोड़ रुपये का टेंडर खुला था। इसके लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पिछले दो साल से टेंडर को पास करवाने के प्रयासों में लगातार जुटी हुई थी।
किस प्रोजेक्ट पर कितना होगा खर्च?
पास हुए इस प्रोजेक्ट के तहत कुल ₹112.93 करोड़ की लागत से 2 आरओबी (ROB) का निर्माण किया जाएगा। रेलवे की तरफ से इसमें से ₹48.95 करोड़ रुपये गुरु नानकपुरा आरओबी के लिए और ₹63.98 करोड़ रुपये गढ़ा के आरओबी निर्माण के लिए खर्च किए जाएंगे।
सबसे व्यस्त रूट पर मिलेगी राहत
यह रेलवे फाटक जालंधर शहर और कैंट के बीच अमृतसर-नई दिल्ली मुख्य रेल लाइन पर पड़ता है, जो बेहद व्यस्त रहता है। इस ट्रैक से रोजाना करीब 140 रेलगाड़ियां गुजरती हैं, जिससे आए दिन लंबा जाम लगता है। उन्होंने कहा कि पंजाब में इस तरह की मुहिम पहली बार शुरू की गई है।
1700 करोड़ के प्रोजेक्ट्स की शुरुआत
केंद्रीय राज्यमंत्री ने बताया कि पूरे क्षेत्र में विकास को गति देने के लिए करीब ₹1700 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स के उद्घाटन और शिलान्यास शुरू किए गए हैं। नियमों के मुताबिक, जब किसी फाटक से रोज एक लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं, तो वहां ब्रिज बनाने की मांग शुरू हो जाती है। इसी को देखते हुए अब इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया जा रहा है।
एक साल में पूरा होगा काम, फंड की कमी नहीं
रवनीत बिट्टू ने आश्वस्त किया कि विकास कार्यों के लिए केंद्र सरकार के पास पैसे की कोई कमी नहीं है। इस प्रोजेक्ट को बरसात का मौसम शुरू होने से पहले ही धरातल पर शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि, निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय लोगों को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन रेलवे की कोशिश है कि इसे एक साल के भीतर पूरा कर लिया जाए ताकि जनता को हमेशा के लिए बड़ी राहत मिल सके।








