अमृतसर- अमृतसर पुलिस ने 15 अगस्त से पहले 4 आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में साने आया है कि इन्होंने 20 और 21 जुलाई की आधी रात में चामियारी पुलिस चौकी के गेट पर पेट्रोल बम से हमला किया था। एसएसपी कंवलप्रीत सिंह ने बताया कि पहले एक आतंकी का इंस्टाग्राम के जरिए ISI हैंडलर ‘राणा बाई से संपर्क हुआ। इसके बाद उसने अपने साथियों को इस साजिश में शामिल किया। आरोपियों के खातों में इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क होने के बाद 1,500 रुपए भेजे गए।
फिर वारदात को अंजाम देने के बाद 15 हजार रुपए भी गूगल-पे के जरिए भेजे गए, जबकि सफल हमले के बाद 50 हजार रुपए और देने का वादा किया गया था। पुलिस के अनुसार, यह रकम विदेशी खाते से आई थी, लेकिन किस देश से भेजी गई, इसका खुलासा जांच पूरी होने तक नहीं किया जा सकता।
इसके अलावा इनका कनेक्शन ASI जोगा मर्डर केस से जुड़ा बताया जा रहा है। जिसे एक्टिवा पर जाते समय गोलियां मारी गई थीं। इसके बाद वीडियो जारी कर आतंकी संगठन से इसकी जिम्मेदारी ली थी। एसएसपी ने कहा कि इस मामले में हम बहुत करीब पहुंच गए हैं।
पुलिस जांच में ये बातें सामने आईं…
- पुलिस चौकी पर दो युवकों ने पेट्रोल बम फेंका था: अमृतसर देहात पुलिस के अनुसार, 20 और 21 जुलाई की दरम्यानी रात करीब 1:30 बजे अजनाला के चामियारी पुलिस चौकी के गेट पर बाइक सवार दो युवकों ने पेट्रोल बम फेंका था। घटना के तुरंत बाद थाना अजनाला में मामला दर्ज कर विशेष जांच टीमों का गठन किया गया।
- नाबालिग समेत 4 आरोपी गिरफ्तार: सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 30 जुलाई को 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनदीप सिंह, प्रदीप सिंह उर्फ लड्डू (लब्बा), करणवीर सिंह उर्फ गोरा और एक नाबालिग के रूप में हुई है, जिसका नाम कानून के तहत सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।
- इंस्टाग्राम के जरिए ISI से जुड़ा आरोपी: एसएसपी कंवलप्रीत सिंह ने बताया कि मनदीप सिंह सोशल मीडिया पर सक्रिय था और इंस्टाग्राम के जरिए उसका संपर्क पाकिस्तान स्थित ISI हैंडलर ‘राणा बाई/राणा बाटी चीमा’ से हुआ। इसके बाद उसने अपने साथियों को इस साजिश में शामिल किया।
- चौकी पर बम फेंकने के लिए 15 हजार मिले: पुलिस जांच में सामने आया कि शुरुआत में आरोपियों के खातों में इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क होने के बाद 1,500 रुपए भेजे गए। वारदात को अंजाम देने के बाद 15 हजार रुपए भी गूगल-पे के जरिए भेजे गए, जबकि सफल हमले के बाद 50 हजार रुपए और देने का वादा किया गया था। पुलिस के अनुसार, यह रकम विदेशी खाते से आई थी, लेकिन किस देश से भेजी गई, इसका खुलासा जांच पूरी होने तक नहीं किया जा सकता।
- नाबालिग ने करणवीर के साथ मिलकर बम फेंका: प्लान के तहत करणवीर सिंह और एक नाबालिग बाइक पर सवार होकर पुलिस चौकी पहुंचे और पेट्रोल बम फेंका, जबकि मनदीप सिंह और प्रदीप सिंह पूरी साजिश की योजना में शामिल रहे। वारदात में इस्तेमाल बाइक की तलाश की जा रही है।
- ISI हैंडलर गोला-बारूद उपलब्ध कराने की तैयारी में था: प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया कि पाकिस्तान स्थित हैंडलर आगे भी आरोपियों को हथियार और गोला-बारूद उपलब्ध कराने की तैयारी में था। फिलहाल पुलिस आरोपियों का रिमांड लेकर पूरे मॉड्यूल, ISI हैंडलर, उसके अन्य संपर्कों और फंडिंग नेटवर्क की जांच कर रही है।
- युवकों का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला: एसएसपी कंवलप्रीत सिंह ने बताया कि गिरफ्तार युवकों का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला। उनकी गिरफ्तारी सीसीटीवी फुटेज, गूगल-पे ट्रांजैक्शन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हुई है। उन्होंने कहा कि आरोपियों का मकसद पेट्रोल बम फेंककर उसका वीडियो सोशल मीडिया पर डालना और लोगों में डर व अस्थिरता का माहौल बनाना था।
ASI जोगा हत्याकांड से जुड़े तार
पुलिस जांच में चारों आतंकियों का एएसआई जोगा सिंह हत्याकांड से भी कनेक्शन जुड़ा बताया जा रहा है। इस पर एसएसपी कंवलप्रीत सिंह ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है। हम काफी करीब हैं और उम्मीद है कि जल्द उसमें भी महत्वपूर्ण सफलता मिलेगी।
एएसआई जोगा सिंह हत्याकांड के संबंध में आतंकियों की ओर से जारी 27 सेकेंड के वीडियो जारी किया गया था। जिसके शुरू में ही अल्ला हू अकबर बार-बार कहकर पंजाबी भाषा और उर्दू भाषा में आतंकी संगठन का नाम लिखा दिखाया गया था। उसके बाद मजीठा की उस सड़क को दिखाया गया है, जहां ASI की गोलियां मारकर हत्या की गई थी।
वीडियो के 12वें सेकेंड में पहुंचने पर बाइक सवार हत्यारे काले रंग की एक्टिवा पर जा रहे ASI जोगा सिंह पर पहला फायर करते हैं। गोली लगते ही ASI एक्टिवा से सड़क किनारे गिर जाते हैं। इसके बाद आतंकी अपनी बाइक साइड में लगाकर ASI के नजदीक पहुंचते हैं और दूसरा फायर कर जोगा सिंह की हत्या कर देते हैं।








