कपूरथला– रेल कोच फैक्ट्री (RCF) कपूरथला में जुलाई का इंसेंटिव कम मिलने से कर्मचारियों में रोष फैल गया। रेल कोच फैक्ट्री एम्पलाइज यूनियन (RCFEU) के नेतृत्व में कर्मचारियों ने कारखाने में प्रदर्शन कर प्रधान मुख्य मैकेनिकल इंजीनियर (PCME) के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों ने इंसेंटिव में कटौती का विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग की।
कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि इंसेंटिव उनकी मेहनत का हक है। इसमें किसी भी प्रकार की कटौती या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने एकजुट होकर प्रशासन से जुलाई माह के इंसेंटिव में हुई कमी को तुरंत ठीक करने की मांग की।
प्रशासन और PCME को अपनी गलती स्वीकार करनी पड़ी
कर्मचारियों के भारी विरोध के बाद प्रशासन और PCME को अपनी गलती स्वीकार करनी पड़ी। प्रशासन ने माना कि इंसेंटिव में कमी एक ‘गलती’ के कारण हुई थी और इसमें कर्मचारियों की कोई त्रुटि नहीं थी।

इंसेंटिव से जुड़ी समस्या को तुरंत दूर किया जाए
RCFEU के महासचिव सर्बजीत सिंह ने प्रशासन और PCME को चेतावनी दी कि इंसेंटिव से जुड़ी समस्या को तुरंत दूर किया जाए। उन्होंने प्रशासन को 3 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि इस अवधि में इंसेंटिव की राशि ठीक नहीं की गई और कर्मचारियों का पूरा हक बहाल नहीं हुआ तो यूनियन संघर्ष तेज करेगी। उन्होंने कहा कि इसके बाद पैदा होने वाली किसी भी स्थिति की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
ईमानदारी से उत्पादन बढ़ाने में अहम भूमिका
RCFEU के प्रधान अमरीक सिंह ने कहा कि RCF के कर्मचारी मेहनत और ईमानदारी से उत्पादन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उनकी मेहनत के चलते कारखाना लगातार अपने उत्पादन लक्ष्य हासिल करता है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के मेहनत के पैसे और इंसेंटिव में किसी भी तरह की कटौती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कर्मचारियों के हक को रोकने या कम करने की कोशिश हुई तो RCFEU उनके समर्थन में पूरी ताकत से खड़ी होगी।








