लुधियाना– पंजाब में सरकारी कर्मचारियों और राज्य सरकार के बीच मांगों को लेकर टकराव बढ़ गया है। पंजाब साझा मुलाजिम मंच के बैनर तले क्लेरिकल स्टाफ ने मंगलवार को पंजाब और चंडीगढ़ के सरकारी दफ्तरों में पेन-डाउन हड़ताल की।
इस दौरान लुधियाना, पठानकोट, मोहाली और गुरदासपुर समेत कई जिलों में काम बंद रहा। जबकि जालंधर में कर्मचारी काम करते मिले। कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना लागू करने, डीए की बकाया किश्तें जारी करने और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने समेत अपनी 14 मांगों को लेकर विरोध कर रहे हैं।
वहीं, हड़ताल से पहले कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि हड़ताल के कारण आम जनता को परेशानी हुई तो सरकार कानून के मुताबिक कार्रवाई करेगी। उन्होंने कर्मचारियों से हड़ताल का रास्ता छोड़कर बातचीत से मुद्दे सुलझाने की अपील की।
अरोड़ा ने कहा कि जुलाई 2020 के बाद भर्ती हुए 85 हजार कर्मचारियों का डीए 42% से बढ़ाकर 60% किया गया है, जबकि बाकी कर्मचारियों को केंद्र सरकार के समान वेतन देने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के बकाये से सरकार ने इनकार नहीं किया है और भुगतान के लिए योजनाबद्ध ढांचा तैयार किया गया है।

मोहाली में मुलाजिम प्रदर्शन करते हुए। मंत्री अमन अरोड़ा।

जानिए साझा मुलाजिम मंच के सरकार से सवाल
- विधायकों की पेंशन में बढ़ोतरी: विधायकों (MLA) की पेंशन 15% से बढ़ाकर 60% क्यों की? इसके बारे में सरकार जनता को भी जवाब दे।
- धरनों से सत्ता तक का रुख: सत्ता में आने से पहले आप खुद कर्मचारियों के साथ धरनों पर बैठते थे, अब वही कर्मचारी आपके लिए बुरे कैसे हो गए?
- विज्ञापनों पर फिजूलखर्ची: साढ़े 4 साल में अपनी झूठी मशहूरी और विज्ञापनों पर कितना पैसा खर्च किया? केवल झूठे विज्ञापन लगाकर लोगों को गुमराह किया गया है।
- हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती: अगर कर्मचारी आपके परिवार का हिस्सा हैं, तो हाईकोर्ट में हारने के बाद सरकार सुप्रीम कोर्ट क्यों गई? असली प्रोपेगेंडा सरकार ही फैला रही है।
- पे-स्केल कर्मचारियों का हक: पे-स्केल देकर कोई अहसान नहीं किया जा रहा, यह कर्मचारियों का हक है। पिछली सरकारें कभी इस मुद्दे पर कोर्ट नहीं गईं, आप पंजाब के लोगों से धोखा कर रहे हैं।
- हक की लड़ाई: क्या कर्मचारी सरकार से कोई भीख मांग रहे हैं? अपने खून-पसीने का बनता हक मांग रहे हैं।
- पुरानी पेंशन और डीए का वादा: कर्मचारियों का मुद्दा सिर्फ डीए का नहीं, बल्कि पुरानी पेंशन योजना का भी है, जिसका वादा करके आप सत्ता में आए थे। क्या सरकार अपना वादा भूल गई?
- समर्थकों का विरोध: जो कर्मचारी फूलों की वर्षा करके आपको सत्ता में लाए थे, आज वही आपके विरोध में सड़कों पर उतरने को मजबूर क्यों हैं?
- वेतन में दोहरा रवैया: अगर सरकार को लगता है कि कर्मचारी अधिक वेतन ले रहे हैं, तो क्लास-1 अधिकारियों को 60% DA क्यों मिल रहा है?
- नौकरियों का सच: विज्ञापनों में 72,000 नौकरियां देने का दावा किया जाता है, लेकिन क्या कभी बताया कि पहले 3 साल कितना कम वेतन मिलता है और बाद में सड़कों पर धक्के खाने पड़ते हैं?
- हर वर्ग में नाराजगी: अगर आपकी सरकार इतनी ही अच्छी है, तो किसान, मजदूर और कर्मचारी सब काम छोड़कर सड़कों पर क्यों भटक रहे हैं?
- पंजाब की आर्थिक स्थिति: पंजाब के लोगों को बताएं कि अपने साढ़े 4 साल के कार्यकाल में राज्य की कौन-कौन सी संपत्तियों और संसाधनों को गिरवी रख दिया गया।









