चंडीगढ़/मोहाली- मोहाली स्थित ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) के ऑफिस के बाहर आम आदमी पार्टी के प्रदर्शन के बाद पंजाब और चंडीगढ़ में ED की रेड खत्म हो गई है। करीब 48 घंटे बाद टीमें 5 से 6 गाड़ियों में सवार होकर मोहाली स्थित GMADA के हेडक्वार्टर से निकल गईं।
टीमें अपने साथ कई कागजात ले गई है। हालांकि, इस रेड में अब तक टीम को क्या-क्या मिला, उसके बारे में ED अफसरों की ओर से अभी कोई सूचना नहीं दी गई है। जबकि, एजेंसी के सूत्र बताते हैं कि पंजाब के एक IAS अधिकारी के घर से करीब ढाई करोड़ कैश, सवा किलो सोना-चांदी और जमीन के कुछ दस्तावेज मिले हैं।
ED ने मंगलवार को पंजाब और चंडीगढ़ में कई ठिकानों पर छापा मारा था। तब से टीम की कार्रवाई जारी थी। ED ने बुधवार को मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के भांजे के घर लुधियाना में भी रेड की थी। इसके अलावा, रात को टीम दिल्ली के पूर्व मंत्री सतेंद्र जैन के चंडीगढ़ स्थित घर भी पहुंची। इसके बाद देर रात पंजाब सरकार हाईकोर्ट चली गई है।

सरकार ने हाईकोर्ट में तत्काल सुनवाई की मांग की। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने ED की छापेमारी की निगरानी के लिए वारंट ऑफिसर नियुक्त किया है। वारंट ऑफिसर को मौके पर जाकर छापेमारी की स्थिति देखने और इसकी रिपोर्ट अदालत में पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। वारंट ऑफिसर किसी भी समय छापेमारी वाली जगह पर जाकर निरीक्षण कर सकता है। उसे गुरुवार को ही मामले की स्टेटस रिपोर्ट हाईकोर्ट में सौंपनी होगी।

मोहाली दफ्तर के 3 मंजिल सील किए
ED ने मंगलवार सुबह मोहाली स्थित GMADA के फेज-8 में मुख्यालय में कार्रवाई शुरू की थी। इसके बाद से ED और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान व अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। ED अधिकारियों ने सरकारी रिकॉर्ड खंगालने के साथ GMADA के अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की।
मोहाली दफ्तर के 3 मंजिलों को सील कर रिकॉर्ड जब्त कर लिए हैं। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी करवाई गई। इसके अलावा IAS अधिकारी राजीव गुप्ता की सेक्टर-19 स्थित कोठी में टीम पहुंची थी।
मंत्री के रिश्तेदार के घर भी पहुंची ED
इसी जांच के दौरान बुधवार को पंजाब के शहरी आवास एवं विकास मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के रिश्तेदार गुरप्रीत सिंह सैनी उर्फ प्रिंस के लुधियाना के साहनेवाल स्थित घर पर भी ED ने तलाशी ली। रिपोर्टों के अनुसार, वहां कार्रवाई दोपहर करीब ढाई बजे शुरू हुई और देर तक जारी रही। इसके बाद आज सुबह उसका कार्रवाई खत्म हुई।

26 ठिकानों पर सर्च और सर्वे
ED के अनुसार, तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े मामले में दिल्ली, मोहाली, चंडीगढ़, पंचकूला और लुधियाना में 26 ठिकानों पर सर्च और सर्वे की कार्रवाई की गई है। इनमें कंपनी के प्रमोटर, निदेशक और उनसे जुड़े लोगों के ठिकाने शामिल थे।
ED के मुताबिक, GMADA और पंजाब सरकार के हाउसिंग एवं अर्बन डेवलपमेंट विभाग के कार्यालयों में भी PMLA के तहत सर्वे किया जा रहा है, ताकि संबंधित कंपनियों से जुड़े रिकॉर्ड और सबूत जुटाए जा सकें।
290 करोड़ के बैंक फ्रॉड और GMADA से जुड़े लेनदेन की जांच
ED के मुताबिक, जांच में तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स से जुड़े करीब 290 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड का मामला भी शामिल है। एजेंसी के अनुसार, मामले में नई दिल्ली के पश्चिम विहार स्थित रेडिसन ब्लू होटल प्रोजेक्ट से जुड़े लेनदेन के साथ GMADA से कथित तौर पर वैधानिक बकाया में छूट और रद्द किए गए प्लॉट के दोबारा आवंटन की भी जांच की जा रही है।
एजेंसी के अनुसार, रेमिगेट से जुड़े मामले में करीब 57 करोड़ रुपए का आर्थिक लाभ दिए जाने की भी जांच है। साथ ही जमीन अधिग्रहण से जुड़ी कथित अनियमितताओं में एक निजी कंसल्टेंसी फर्म की भूमिका और अधिकारियों से उसके संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है।








