best news portal development company in india

CM मान से मुलाकात पर बाबा लक्खा का स्पष्टीकरण : बोले- निजी नहीं था कोई राजनीतिक मकसद; अस्पताल के काम के सिलसिले में मिले थे

SHARE:

बाबा लक्खा सिंह ने श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय में अपना पक्ष रखा।

अमृतसर- अमृतसर में नानकसर कलेरां के बाबा लक्खा सिंह ने श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय में शनिवार को अपना पक्ष रखा। उन पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से निजी मुलाकात और बेअदबी विरोधी कानून की कथित तारीफ का आरोप था। उन्होंने जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज को दिए स्पष्टीकरण में माना कि मुख्यमंत्री से मिलना उनकी भूल थी।

श्री अकाल तख्त साहिब ने बाबा लक्खा सिंह से इन मामलों पर जवाब मांगा था। यह जवाब पंजाब सरकार के ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ की कथित तारीफ और मुख्यमंत्री से 29 सितंबर को मुलाकात को लेकर था। इस कानून पर अकाल तख्त ने आपत्ति जताई थी।

अस्पताल के काम के सिलसिले में की थी मुलाकात

बाबा लक्खा सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री से मुलाकात नानकसर संप्रदाय के अस्पताल से जुड़े काम करवाने के लिए थी, क्योंकि सरकारी अधिकारी असमर्थ थे। उन्होंने यह भी साफ किया कि उन्होंने कानून की तारीफ नहीं की थी, बल्कि पंजाब सरकार ने उनके हवाले से बयान जारी किए थे। उन्होंने कहा कि वह हमेशा श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति समर्पित रहे हैं और तख्त साहिब की ओर से जारी हर आदेश को सिर झुकाकर स्वीकार करते हैं। उन्होंने माना कि मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं करनी चाहिए थी।

बेअदबी कानून की प्रशंसा करने से किया इनकार

बाबा लक्खा सिंह ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पंजाब सरकार द्वारा बनाए गए बेअदबी संबंधी कानून की प्रशंसा नहीं की थी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मीडिया में प्रकाशित खबरों के लिए उनकी ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया था, बल्कि पंजाब सरकार ने अपने स्तर पर उनके हवाले से बयान जारी किया था।

पांच सिंह साहिबान की बैठक में होगा फैसला

श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय के इंचार्ज बगीचा सिंह ने बताया कि बाबा लक्खा सिंह की ओर से सौंपा गया स्पष्टीकरण और क्षमा याचना जत्थेदार ने प्राप्त कर ली है। इस मामले पर पांच सिंह साहिबान की बैठक में विचार किया जाएगा, जिसके बाद आगे का फैसला लिया जाएगा।

श्री अकाल तख्त साहिब ने किए थे पत्र जारी

गौरतलब है कि इस मामले में श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय की ओर से बाबा लक्खा सिंह के अलावा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) से जुड़े दो सदस्यों मिठू सिंह कहनेके और जसवंत सिंह पुड़ैन को भी पत्र जारी किए गए थे। तीनों से मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात के मामले में 10 दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण सौंपने को कहा गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

best news portal development company in india
सबसे ज्यादा पड़ गई