पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने शनिवार को इस कार्रवाई की जानकारी अपने एक्स हैंडल पर साझा की है। डीजीपी गौरव यादव के मुताबिक, शुरुआती जांच में आरोपियों के विदेश में बैठे तस्करों के साथ कथित संबंध सामने आए हैं। आरोपी अवैध हथियारों की खरीद और सप्लाई में शामिल बताए जा रहे हैं।
घरिंडा और लोपोके थानों में अलग-अलग FIR दर्ज
पुलिस ने इस मामले में अमृतसर के घरिंडा और लोपोके थानों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। दोनों मामलों की जांच की जा रही है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करना और हथियारों तथा नशीले पदार्थों की सप्लाई से संबंधित पूरी कड़ी का पता लगाना है।

पिछले और आगे के संपर्कों की जानकारी जुटाई
जांच के दौरान आरोपियों के पिछले और आगे के संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और अवैध हथियारों की सप्लाई किस तरह की जा रही थी।
आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस अवैध हथियारों की तस्करी और संगठित आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। फिलहाल, दोनों मामलों में जांच जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि आगे की जांच में तस्करी के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में अहम जानकारियां सामने आएंगी।








