लुधियाना। पंजाब में बाढ़ का कहर थम नहीं रहा है। इस वक्त लुधियाना में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। शुक्रवार आधी रात को यहां सतलुज नदी पर गांव ससराली में बना बांध टूट गया। जिसके बाद पानी खेतों में पहुंच चुका है।
आबादी की तरफ जाते पानी का बहाव को रोकने के लिए प्रशासन ने सेना और NDRF की मदद से रिंग बांध बनाया था लेकिन अब उस पर भी कटाव पड़ना शुरू हो गया है। जिसे देखते हुए अब तीसरा बांध बनाया जा रहा है। अगर यहां से बाढ़ का पानी आगे बढ़ा तो फिर 14 गांवों के अलावा राहों रोड से लेकर समराला चौक तक पानी की जद में आ सकता है। इसे देखते हुए लोगों के साथ DC हिमांशु जैन खुद भी मिट्टी से भरी बोरियां उठा रहे हैं।
सतलुज नदी से बाढ़ के खतरे को देखते हुए लोग कल से ही गांव खाली करने में जुटे हुए हैं। इसके अलावा सेना की टीम लगातार यहां पानी को रोकने की कोशिश कर रही है। इतना ही नहीं कुछ लोग नदी से शांत रहने की प्रार्थना कर रहे हैं और ख्वाजा पीर को मीठे चावल चढ़ाए जा रहे हैं।


लुधियाना में सतलुज के बांध को मजबूत करने के लिए DC हिमांशु जैन (रेनकोट में) खुद मिट्टी की कट्टे उठाने में मदद करवा रहे हैं।
बाढ़ से जुड़े अपडेट्स…
- अमृतसर में 5 बांध तक पहुंचने का रास्ता नहीं : अमृतसर रमदास में रावी नदी के कारण टूटे 8 बांधों को भरने के प्रयास शुरू हो चुके हैं, जबकि 5 बांधों तक पहुंचने का प्रयास जारी है, लेकिन अभी इसमें सफलता नहीं मिली है। पठानकोट से तरनतारन तक रावी के जलस्तर में कमी आई है। शुक्रवार रात 9 बजे भाखड़ा बांध का जलस्तर 1678.40 फीट दर्ज किया गया, जो अब खतरे के निशान से लगभग डेढ़ फीट नीचे है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए भाखड़ा से लगभग 70 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिसमें से लगभग 50 हजार क्यूसेक पानी ही सतलुज में छोड़ा जा रहा है।
- कैबिनेट मंत्री ने दिए टूटी सड़कों, पुल को तुरंत ठीक के आदेश : कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने बाढ़ से सड़कों, पुलों और सार्वजनिक इमारतों के हुए नुकसान को लेकर उच्च स्तरीय बैठक ली। मंत्री ने अधिकारियों को इस मुश्किल की घड़ी में पूरी निष्ठा से ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए। बाढ़ प्रभावित ग्रामीण इलाकों में संपर्क बहाली के लिए क्षतिग्रस्त सड़कों की तुरंत मरम्मत और वॉश-आउट स्थानों पर काज़वे, पाइप या बॉक्स कलवर्ट बनाने पर विचार किया गया। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान के रूप में एक दिन का वेतन देने का भी ऐलान किया।
- पूर्व सीएम बघेल बोले- सरकार का कुप्रबंधन साफ झलक रहा : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पंजाब प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ फिरोजपुर और तरन तारन पहुंचे। उन्होंने मौके पर आपदा की स्थिति का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से मिलकर उनकी समस्याएं और अनुभव सुने। भूपेश बघेल ने कहा कि इस कठिन समय में राज्य और केंद्र सरकार का कुप्रबंधन साफ झलक रहा है, लेकिन कांग्रेस पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता एकजुट होकर बाढ़ पीड़ितों की मदद में लगे हुए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में हर संभव सहायता पहुंचाने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे ताकि लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।
- पंजाब किंग्स के कप्तान ने भी जताया चिंता : पंजाब में आई बाढ़ को लेकर भारतीय टीम के क्रिकेटर और पंजाब किंग्स के मौजूदा कप्तान श्रेयस अय्यर ने वीडियो जारी चिंता जताई है। अय्यर ने कहा- पंजाब के लोगों ने मुझे इतना प्यार दिया है, ये मेरी सबसे बड़ी ताकत है। आज बाढ़ ने हमें गिराया है, मगर हम इस चैलेंज को मिलकर पार कर सकते हैं। अय्यर ने लोगों को डोनेट करने का आग्रह किया और कहा कि आपका दिया हुआ एक एक हिस्सा उन परिवारों तक पहुंचाया जाएगा, जो लोग इस बाढ़ से ग्रस्त हैं। हमें साथ मिलकर पंजाब को फिर से मुस्कुराने लायक करना है।
- बाढ़ के पानी में डूबकर व्यक्ति की मौत : फिरोजपुर के गांव टल्ली गुलाम में गुरमीत सिंह (50) अपनी पत्नी के लिए दवाई लेने घर से निकले थे। रास्ते में सड़क पर पानी अपेक्षाकृत कम था, लेकिन अचानक पैर फिसलने से वे गहरे पानी में जा गिरे और डूब गए। पास ही गांव हामद चक्क में मौजूद खालसा एड और इंद्रजीत नीकू की टीम ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और गुरमीत सिंह को पानी से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। जहां, डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बाढ़ के PHOTOS…

पंजाब के कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। आर्मी इन क्षेत्रों में लगातार बचाव और राहत कार्यों में जुटी हुई है।

नूरपुर बेदी में भी अब खड्डों का बहाव तेज हो गया है। इससे कोई नुकसान न हो इसलिए लोगों ने खुद मोर्चा संभाल लिया है।

भारतीय सेना ने पंजाब में आई बाढ़ में सहायता का अनुभव सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो डालकर शेयर किया है।

बारिश व बाढ़ के बीच टूटे मकान को समेटने का प्रयास करते हुए रमदास इलाके के लोग।








