जालंधर। जालंधर कोर्ट में वकीलों ने नो वर्किंग डे रखा। प्रदर्शन को लेकर जुटे वकील सरकार और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए। जालंधर बार एसोसिएशन ने पुलिस पर लापरवाही और पक्षपात का आरोप लगाते हुए आज (सोमवार) से अदालतों में नौ दिन के ‘नो वर्क डे’ का ऐलान किया है, जिसके चलते अदालतों में कामकाज ठप हो गया है।
सुबह 10 बजे से बार एसोसिएशन से जुड़े वकीलों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। एसोसिएशन ने सभी वकीलों, न्यायिक अधिकारियों और प्रशासनिक विभागों से सहयोग करने की अपील की है। एसोसिएशन का आरोप है कि पुलिस ने पूरे सबूत होने के बावजूद परविंदर सिंह (संदीप सिंह के पिता) को गिरफ्तार नहीं किया और न ही सैम क्वात्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। बार एसोसिएशन ने पुलिस के इस रवैये को आपत्तिजनक और संवेदनहीन बताया है। वकीलों का कहना है कि पुलिस मामले में निष्पक्ष जांच करने में विफल रही है, जिसके कारण उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
वकीलों ने यह भी आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर मौजूद आपत्तिजनक और भड़काऊ वीडियो को भी हटाने की कार्रवाई नहीं की गई है। इसी कारण एसोसिएशन ने पुलिस से तत्काल एफआईआर दर्ज करने, आरोपियों को गिरफ्तार करने और विवादित वीडियो हटाने की मांग दोहराई है।
जो व्यक्ति रंगदारी के पैसे लेने आया, वह निर्दोष कैसे-प्रधान आदित्य जैन
बार एसोसिएशन जालंधर के प्रधान आदित्य जैन ने कहा- हमारे वकील साथी मंदीप सिंह सचदेवा के को रंगदारी के लिए डिमांड की गई। आरोपी ने वकील के परिवार को नुकसान पहुंचाने की भी बात कही। उक्त मामले में पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज की, मगर एफआईआर में धाराएं तक पूरी नहीं लगाईं। हमने ट्रैप लगाकर उक्त व्यक्ति को पैसे लेने आने के लिए कहा।
जिसके बाद शेखां बाजार का सैम नाम का युवक पैसे लेने के लिए आया। पुलिस की सीआईए स्टाफ ने ट्रैप लगाया हुआ था, तो उसने उक्त युवक को पकड़ लिया। मगर पुलिस ने कुछ देर बाद उक्त युवक को छोड़ दिया कि वह पीड़ित है। प्रधान जैन ने आगे कहा- अगर कोई व्यक्ति रंगदारी के पैसे लेने ही आ गया, तो वह निर्दोष कैसे हुआ। मगर पुलिस ने जवाब दिया कि हमने जांच कर रही है, उक्त व्यक्ति निर्दोष है।
केंद्रीय एजेंसियां करें मामले की जांच- प्रधान आदित्य जैन
जैन ने आगे कहा- पुलिस ने बिना किसी कार्रवाई के उक्त युवक को घर भेज दिया। जैन ने सैम पर आरोप लगाते हुए कहा कि सैम ने वकील के पारिवारिक सदस्यों को आपत्तिजनक चीजें कहीं और अलग अलग सोशल मीडिया अकाउंट्स से भद्दी शब्दावली वाला कंटेंट डालना शुरू कर दिया गया। हमने इस बारे में पुलिस से बात की तो उक्त कंटेंट हटवा दिया गया।
जैन ने कहा- मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों से करवाई जाए, जिससे मामले में उचित कार्रवाई हो सके। पिछले करीब डेढ़ से दो साल तक ऐसा कर करके आरोपी ने काफी पैसा इकट्ठा किया होगा। पुलिस के साथ हम बातचीत कर रहे हैं। हमारा मांग है कि केस में धाराएं अच्छे से लगाईं जाएं और दूसरा मामले में केंद्रीय एजेंसियों से जांच करवाई जाए, जिससे मामला क्लियर हो सके।

वरिष्ठ वकील भल्ला बोले- एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लाया जाए
वरिष्ठ वकील राज कुमार भल्ला ने कहा- आतंकवाद के समय में भी कभी वकीलों को धमकियां नहीं आईं, मगर आज के समय में वकील भी सेफ नहीं है। पंजाब में लॉ एंड आर्डर की स्थित एकदम खराब हो चुकी है। वरिष्ठ वकील को ऐसे थ्रेट कॉल आ जाना, ये सभी वकीलों पर वार है।
भल्ला ने आगे कहा- आज ये घटना कोर्ट तक पहुंच गईं है। इसलिए हम मांग करते हैं कि एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लाया जाए। जिसे वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित हो पाए। साथ ही साथ अगर पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई न की गई, तो वह राज्य स्तर पर भी लेकर जाएंगे। अगली रणनीति के बारे में प्रधान के साथ बैठक करके ऐलान किया जाएगा।
वकील को दी थी धमकी, रंगदारी भी मांगी थी
जालंधर के वरिष्ठ वकील मंदीप सिंह सचदेवा को कनाडा से संचालित एक फेसबुक अकाउंट के जरिए रंगदारी और जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। संदेश भेजने वाले ने वकील से 1.5 लाख रुपए की मांग की और पैसे न देने पर सोशल मीडिया पर झूठे आरोप लगाकर बदनाम करने की धमकी दी थी।
साथ ही वकील के परिवार की तस्वीरें फेसबुक से डाउनलोड कर उन्हें सार्वजनिक करने की चेतावनी भी दी गई। जांच में सामने आया कि यह फेसबुक अकाउंट कनाडा में रह रहे संदीप सिंह उर्फ सन्नी द्वारा चलाया जा रहा था। सीआईए स्टाफ ने वकील के सहयोग से जाल बिछाकर उस शख्स को पकड़ा, जो पैसे लेने आया था। उसने कबूल किया कि वह खुद भी कनाडा में बैठे आरोपी के दबाव में है और उसी के कहने पर आया था। पुलिस ने जतिंदर सिंह उर्फ साबी, संदीप सिंह उर्फ सन्नी और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था।केस में रैणक बाजार के कपड़ा व्यापारी संजू अरोड़ा उर्फ सैम कवात्रा को भी आरोपी बताया गया था, मगर जब जांच की तो पता चला कि वह खुद भी पीड़ित है और उसने थाना साइबर सेल में शिकायत दी हुई थी।







