चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा का बाढ़ पर स्पेशल सेशन शुरू हो गया है। जिसमें सिंचाई मंत्री बरिंदर गोयल ने बाढ़ को लेकर प्रस्ताव पेश किया। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषित 1600 करोड़ रुपए में से टोकन मनी तक न आने के लिए PMO कार्यालय की निंदा की गई। इसके अलावा 20 हजार करोड़ की मदद का प्रस्ताव पेश किया।
इस पर बोलते हुए विपक्षी दल कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने पूछा कि केंद्र व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 12 हजार करोड़ पंजाब सरकार के पास पड़ा हुआ है। सीएम भगवंत मान और वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि 1500 करोड़ है। सदन को बताया जाए कि प्रधानमंत्री झूठ बोल रहे या मुख्यमंत्री। इसके बारे में पंजाब को सच्चाई बताई जानी चाहिए। बाजवा ने कहा कि जिस दिन प्रधानमंत्री आए, उस दिन मुख्यमंत्री अस्पताल में लेट गए।
बाढ़ पर प्रस्ताव पेश करने वाले मंत्री की अहम बातें
- 1988 से बड़ी बाढ़ आई: मंत्री गोयल ने कहा- यह बहुत बड़ी त्रासदी है। किसी ने अपने जीवन में ऐसी हालत नहीं देखी। यह बाढ़ 1988 से भी बड़ी थी। उस वक्त 11 लाख 20 हजार क्यूसिक पानी आया था, लेकिन इस बार 14 लाख 11 हजार क्यूसिक पानी आया। यह 20% ज्यादा पानी था।
- मौसम विभाग के अनुमान फेल हुए: मंत्री ने केंद्रीय मौसम विभाग के अनुमान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पंजाब में IMD के अनुमान से ज्यादा बारिश हुई, जबकि हम इन्हीं के अनुमान पर निर्भर रहते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और पाकिस्तान वाला सारा पानी पंजाब की नदियों में आ गया। मंत्री ने कहा कि भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) का कंट्रोल पंजाब सरकार के पास होना चाहिए।
- केंद्र ने मदद की जगह आरोप लगाए: मंत्री बरिंदर गोयल ने कहा कि मुश्किल वक्त में केंद्र सरकार मदद करती है। हैरानी की बात ये है कि बाढ़ के बाद केंद्र के नेता आए। जख्मों पर मरहम लगाने के बजाय वह नई कहानी कहने लगे। उन्होंने कहा कि माइनिंग ज्यादा हो गई, इस वजह से बाढ़ आई। हमने तो किसी किताब में नहीं पढ़ा। कहीं मैन मेड फ्लड कहा गया, यह भी हमें नहीं पता कि कभी आदमी भी बारिश करवा सकता है।
- पीएम मोदी ने ट्वीट तक नहीं किया: सिंचाई मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाढ़ को लेकर कोई ट्वीट तक नहीं किया। हमारी 20 हजार करोड़ की डिमांड थी लेकिन सिर्फ 1600 करोड़ रुपए दे गए। जब हमारे मंत्री ने बात करने की कोशिश की तो उन्होंने बात नहीं की। इतनी बुरी हालत होने के बावजूद पीएम हमारे मुख्यमंत्री भगवंत मान को मिलने तक का टाइम नहीं दे रहे। यह पंजाब के साथ केंद्र की नाइंसाफी है। मंत्री ने कहा कि केंद्र ऑपरेशन सिंदूर की वाहवाही लूट रही है लेकिन इसके ड्रोन भी पंजाब में गिरे।
सदन में हस्तियों को श्रद्धांजलि दी गई
इससे पहले सदन में पूर्व मंत्री हरपाल टोहड़ा, पंजाबी कॉमेडियन जसविंदर भल्ला, पंजाबी संगीत सम्राट चरणजीत आहूजा और बाढ़ में मरे लोगों के अलावा कई हस्तियों को श्रद्धांजलि दी गई। आज (26 सितंबर) से शुरू हो रहा यह सेशन 29 सितंबर तक चलेगा।

गणमान्य लोगों के निधन पर शोक प्रस्ताव पढ़ने के बाद 2 मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि दी गई।








