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फर्जी डिग्री और सर्टिफिकेट घोटाला: आरोपी मोनिका को जालंधर पुलिस ने पकड़ा; पुलिस बोली- ट्रैवल एजेंटों के जरिए बेची 1500 डिग्रियां, कई राज्यों में फैला जाल

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जाली सर्टिफिकेट की सांकेतिक फोटो।

जालंधर। जालंधर पुलिस ने फर्जी डिग्री और सर्टिफिकेट घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए डॉक्टर पुष्कर गोयल की महिला साथी मोनिका को गिरफ्तार कर लिया है। मोनिका लंबे समय से फरार चल रही थी। पुलिस ने इस साल अगस्त में अर्बन एस्टेट स्थित ठिकाने पर छापा मारकर डॉक्टर पुष्कर गोयल को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उसके पास से दर्जनों फर्जी सर्टिफिकेट, यूनिवर्सिटी की डिग्रियां और अवैध शराब बरामद की थी।

जांच में सामने आया कि यह पूरा गिरोह ट्रैवल एजेंटों के जरिए विदेश जाने की चाह रखने वाले युवाओं को फर्जी डिग्रियां बेचता था। इन डिग्रियों को असली जैसी दिखने के लिए बेहद चालाकी से तैयार किया जाता था। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि मोनिका, जो जालंधर के चौगिट्टी इलाके की रहने वाली है, ऑनलाइन मैरिज ऐप्स के जरिए तलाकशुदा और जरूरतमंद महिलाओं से संपर्क करती थी।

ट्रैवल एजेंटों से मिल कर बेचते थे फर्जी डिग्रियां

उन्हें अपने नेटवर्क का हिस्सा बना लेती थी। इसके बाद डॉक्टर पुष्कर गोयल और मोनिका मिलकर ट्रैवल एजेंटों के माध्यम से युवाओं को सस्ती और असली जैसी फर्जी डिग्रियां देने का लालच देते थे। पुलिस के मुताबिक, गिरोह का जाल पंजाब समेत कई राज्यों में फैला हुआ था।इस घोटाले से जुड़े और भी लोगों की तलाश जारी है। फिलहाल जालंधर पुलिस मोनिका से पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के बाकी सदस्यों तक पहुंचा जा सके।

1500 से ज्यादा जाली सर्टिफिकेट बेचने का किया था खुलासा

जालंधर में फर्जी डिग्री घोटाले का खुलासा करने वाली पुलिस को अब नए-नए राज मिल रहे हैं। फर्जी डिग्रियों के साथ गिरफ्तार किए गए डॉ. पुष्कर गोयल, जो खुद को आयुर्वेदिक डॉक्टर बताते हैं, कि वह मूल रूप से बरनाला का रहने वाला है। उसने बरनाला में एक आयुर्वेदिक क्लिनिक खोला था, लेकिन कारोबार न चलने और स्टॉक एक्सचेंज में पैसे गंवाने के कारण उसकी आर्थिक हालत बिगड़ गई।

फर्जी सर्टिफिकेट के 30 से 50 हजार रुपए वसूलता था

कोरोना लॉकडाउन के समय वह भारी कर्ज में डूब गया। इसी दौरान उसकी मुलाकात फर्जी डिग्री बनाने वाले गिरोह से हुई, जिसके बाद उसने खुद भी इस धंधे में कदम रख लिया। डॉ. गोयल ने माना कि उसके देशभर की बड़ी यूनिवर्सिटियों से संपर्क थे जिनमें चारु, बद्दी, तमिलनाडु, दिल्ली और अहमदाबाद की यूनिवर्सिटी शामिल हैं।

वह एक फर्जी सर्टिफिकेट के लिए 30 से 50 हजार रुपए वसूलता था और अब तक 1500 से ज्यादा जाली डिग्रियां व सर्टिफिकेट बेच चुका है।

कपूरथला में हुई गिरोह से मुलाकात

डॉ. गोयल ने स्वीकार किया कि आर्थिक तंगी के कारण वह कपूरथला के फत्तू ढींगा चला गया, जहां उसकी मुलाकात इस गिरोह से हुई। इसके बाद उसने जालंधर के गोल्डन एवेन्यू फेस-2 में अपनी पत्नी रजनी के साथ मिलकर एक ऑफिस खोल लिया, जहां से पूरा नेटवर्क संचालित होता था। इससे पहले, अगस्त 2025 में जालंधर पुलिस ने अर्बन एस्टेट स्थित उसके ठिकाने पर छापा मारकर उसे गिरफ्तार किया था।

वहां से पुलिस को दर्जनों फर्जी यूनिवर्सिटी डिग्रियां, सर्टिफिकेट और अवैध शराब बरामद हुई थी। इसी केस में उसकी महिला साथी मोनिका को हाल ही में गिरफ्तार किया गया है, जो काफी समय से फरार थी।

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