जालंधर। जालंधर में कांग्रेस के सूबा प्रधान के पूर्व गृह मंत्री बूटा सिंह को लेकर दिए बयान पर भाइचारे में रोष नहीं थमा है। सोमवार को कांग्रेस पार्टी से जुड़े एडवोकेट गुरजीत सिंह काहलों ने पार्टी से इस्तीफा देने का ऐलान किया है। उनके पास डिस्ट्रिक्ट कांग्रेस प्रेसिडेंट लीगल, ह्यूमन राइट एंड आरटीआई डिपार्टमेंट का कार्यभार था। उन्होंने प्रेस क्लब में कहा कि राजा वड़िंग का ये बयान जानबूझकर दिया गया है। राजा वड़िंग प्रधान बनने के काबिल ही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मैं राजा वड़िंग से दुखी होकर इस्तीफा देने जा रहा हूं। मैं ऐसे प्रधान के नीचे काम नहीं कर सकता। मैं अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं। कांग्रेस के साथ बना रहूंगा।
एडवोकेट ने कहा कि कांग्रेस के दलित नेता इस मामले को लेकर राजा वड़िंग के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि ये तरनतारन चुनाव की बात है, इसके बाद पार्टी हाईकमान इससे भी इस्तीफा लेने वाली है। ऐसा ज्यादा दिन नहीं चलेगा।

कांग्रेस हाईकमान को भी वड़िंग के खिलाफ करेंगे मेल
एडवोकेट काहलों ने कहा कि राजा वड़िंग के खिलाफ वह कांग्रेस हाईकमान को भी मेल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक उनकी किसी कांग्रेस के दलित नेता के साथ कोई भी बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि वह जल्द किसान नेताओं और दलित भाईचारे के साथ मिलकर राजा वडिंग के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे।
काहलों बोले- राजा वड़िंग अहंकार से भर गए हैं
उन्होंने कहा कि राजा वडिंग के अंदर अहंकार भरा हुआ है। कांग्रेस पर राजा वडिंग के पंजाब प्रधान बनाए जाने पर भी सवाल उठाए हैं। एडवोकेट ने कहा कि राजा वडिंग आए दिन विवादित बयान दे रहे हैं।
इसको लेकर वह कांग्रेस पार्टी को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। वहीं उन्होंने कांग्रेस पर दोफाड़ के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि लुधियाना उपचुनाव के बाद यहां पर भी कांग्रेस नेता पद की होड़ में लगे हुए हैं, जिसको लेकर नेताओं द्वारा पार्टी को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
राजा वड़िंग को प्रधान पद हटाकर गिरफ्तार करना चाहिए
उन्होंने कहा कि कांग्रेस हाईकमान से राजा वड़िंग को प्रधानगी से हटाने की मांग की है। एडवोकेट ने राजा वडिंग की गिरफ्तारी की भी मांग की है। एडवोकेट का कहना है कि अगर कोई नेता दलित भाइचारे के खिलाफ गलत टिप्पणी करता है, तो कांग्रेस पार्टी सड़कों पर धरने लगाकर बैठ जाती है, लेकिन अब कांग्रेस पार्टी के प्रधान द्वारा लगातार गलत टिप्पणियां की जा रही हैं, लेकिन कांग्रेस के नेता अब चुप बैठे हैं।








