लुधियाना- पंजाब के लुधियाना में शादी समारोह के दौरान हुई गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद विपक्ष ने सूबे की भगवंत मान सरकार पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने आम आदमी पार्टी के MLA और मंत्रियों पर गैंगस्टरों को साथ रखने का आरोप तक लगा दिया।
जिसमें वह कह रहा है कि एमएलए-मंत्री के साथ आए लोगों ने गोलियां चलाई हैं। सुखबीर बादल का कहना है कि भगवंत मान ने पंजाब को गैंग लैंड बना दिया है। रोजाना हत्याएं और लूटपाट हो रही हैं, लेकिन सरकार को इसी चिंता नहीं है। सुखबीर बादल ने मरने वालों के परिवार के साथ संवेदना भी व्यक्त की है।
शादी समारोह में विधायक भी थे शामिल
शादी समारोह में हलका उत्तरी के विधायक मदनलाल बग्गा भी मौजूद थे। इसके अलावा समारोह में 400 से 500 अन्य लोग भी थे। चश्मदीदों का कहना है कि जब एमएलए अंदर आए, उसके बाद पांच छह लड़कों ने बहस करके गोलियां चलाई हैं।
राजा वड़िंग बोले, सूबे में जंगल राज
लुधियाना के सांसद व कांग्रेस के प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सूबे की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में जंगल राज फैल रहा है। लोग शादी समारोह में भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि लुधियाना के पैलेस में गोलीबारी से दो लोगों की मौत हो गई और कुछ घायल हो गए।
इस घटना से बातों से इस बात पर पक्की मुहर लग गई है कि अब पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से सरकार के हाथ से निकल चुकी है। उन्होंने कहा कि यह खबर किसी फिल्म का सीन लगती हैं, लेकिन बदकिस्मती से यह आज के पंजाब की सच्चाई बन गई है।

पुलिस और सरकार गंभीरता से निभाए जिम्मेदारी
राजा वड़िंग ने कहा कि वो पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस से हाथ जोड़कर रिक्वेस्ट करते हैं कि कृपया थोड़ी गंभीरता से अपनी जिम्मेदारी निभाने की कोशिश करें और पंजाबियों की जान-माल की रक्षा करें ताकि आतंक का माहौल खत्म हो सके।
तरनतारन चुनाव से गैंगस्टर कल्चर बना राजनीतिक मुद्दा
तरनतारन उपचुनाव के बाद से सूबे में गैंगस्टर कल्चर राजनीतिक मुद्दा बन गया है। कांग्रेस के प्रधान राजा वड़िंग से लेकर भाजपा के अश्वनी शर्मा, शिअद के सुखबीर बादल तक सभी ने गैंगस्टर और पंजाब में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
विपक्ष ने आरोप लगाया है कि भगवंत मान सरकार अपराधियों पर नकेल कसने में नाकाम रही है। पंजाब गैंगस्टरों के कब्जे में जाता दिख रहा है। लुधियाना गोलीकांड ने पंजाब की सियासत में गैंगस्टरों के बढ़ते प्रभाव को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को लिखा पत्र
पूर्व उपमुख्यमंत्री व सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने गैंगस्टर के मुद्दे पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि पंजाब में गैंगस्टर कल्चर बढ़ गया है। पंजाब सरकार उन्हें हैंडल करने में नाकाम हो रही है। रंधावा ने भी कानून व्यवस्था के मुद्दे पर मान सरकार को जमकर घेरा है।
गैंगस्टर मुद्दा क्यों उभरा?
पंजाब पुलिस पिछले दो साल में कई बड़े गैंगों पर कार्रवाई का दावा करती रही है, लेकिन लुधियाना जैसे मामलों ने उसके दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष का आरोप है कि गैंगस्टर सोशल मीडिया, जेलों, बाहरी राज्यों के अलावा दूसरे देशों से ऑपरेट कर रहे हैं और सरकार उन्हें रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठा रही।
तरनतारन चुनाव में गैंगस्टर कल्चर के मुद्दे पर जब आप सरकार घिरने लगी तो अरविंदर केजरीवाल ने बयान दे दिया कि एक सप्ताह में गैंगस्टर पंजाब छोड़ देंगे। इस घटना के बाद फिर चर्चा में है और विपक्ष उसी बयान को लेकर सरकार पर तंज कस रहा है।
राजा वड़िंग, सुखजिंदर बाजवा समेत कई नेताओं को मिल चुकी हैं धमकियां
राजा वड़िंग, सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कई नेताओं को गैंगस्टर धमकी दे चुके हैं। इसके अलावा अन्य लोगों को भी गैंगस्टरों से धमकियां आती रही हैं जिसके बाद यह मुद्दा पंजाब में और गर्माने लगा।
राजा वड़िंग ने गैंगस्टर कल्चर खत्म करने का फॉर्मूला बताया था
राजा वड़िंग ने तरनतारन चुनाव में अकाली दल की प्रत्याशी के गैंगस्टर से संबंध होने की बात उठाई और उसी दौरान कहा था कि उनके पास गैंगस्टर को खत्म करने का फॉर्मूला है। जिस पर उन्होंने कहा कथा कि गैंगस्टर के परिवार वालों पर भी पर्चे दर्ज होने चाहिए और उन्हें भी जेल में डालना होगा। उस बयान के बाद गैंगस्टरों ने उन्हें धमकियां देनी शुरू कर दी थी।
विधायक अशोक पराशर बोले, इसमें सरकार क्या कर सकती है
आम आदमी पार्टी के विधायक अशोक पराशर पप्पी का कहना है कि इस घटना पर सरकार क्या कर सकती है। उन्होंने कहा कि जिसकी शादी थी उसने दोनों को बुलाया। वो आपस में लड़ गए और गोलियां चल गई। उन्होंने कहा कि उसे दोनों को बुलाना ही नहीं चाहिए था। दोनों को अलग अलग बुला देता।
वहीं राजनेताओं के संबंध के बारे में उन्होंने कहा कि ये पहले के नेताओं के पाले हुए हैं। अगर किसी राजनेता का संबंध ऐसे लोगों से है तो वह नहीं होना चाहिए। ऐसे लोगों को जो शेल्टर देते हैं उन पर नकेल कसी जानी चाहिए।








