मोहाली- पंजाब के पूर्व मंत्री व शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से झटका लगा है। उन्हें जमानत नहीं मिली है। वहीं, अब उन्हें जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ेगा। हालांकि अभी तक इस मामले में ऑर्डर नहीं आया है।
केस में 200 गवाह बनाए
बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ विजिलेंस चालान पेश कर चुकी है। चार्जशीट में कई अकाली और बीजेपी नेताओं के भी बयान दर्ज हैं। वहीं, दावा किया जा रहा है कि विजिलेंस ने तय समय पर चार्जशीट दाखिल की है। विजिलेंस का दावा है कि 400 बैंक खातों का दस साल तक रिकॉर्ड खंगाला गया है। केस में 200 गवाह बनाए गए हैं।
सरकारी गवाह को बनाया आरोपी
विजिलेंस ब्यूरो ने चार दिन पहले मजीठिया के करीबी हरप्रीत सिंह गुलाटी को अरेस्ट किया है। विजिलेंस के वकील का कहना था कि वह पहले सरकारी गवाह थे। लेकिन वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे।
वहीं, आरोप है कि गुलाटी के जरिए पूर्व मंत्री ने शिमला और दिल्ली में संपत्तियां बनाई थीं। आरोपी को आज मोहाली अदालत में पेश कर विजिलेंस ने छह दिन का रिमांड लिया है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि आरोपी पहले विजिलेंस का सरकारी गवाह था। जबकि विजिलेंस का कहना है कि जांच में उन्हें अब सबूत मिले।
इसके बाद केस दर्ज किया है। इससे पहले मजीठिया के साले गजपत सिंह ग्रेवाल के खिलाफ मोहाली जिला अदालत में एक एप्लिकेशन विजिलेंस ने दायर की है। उसे भगोड़ा घोषित करने की तैयारी की है। इस पर एक दिसंबर को सुनवाई होगी।








