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गणतंत्र दिवस पर किसानों का आक्रोश: जगरांव में ट्रैक्टर-मोटरसाइकिल मार्च, बिजली व बीज एक्ट का विरोध

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जगरांव- जहां पूरा देश 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मना रहा था, वहीं जगरांव और आसपास के इलाकों में किसानों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। अपनी लंबित मांगों को लेकर किसानों ने ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ जबरदस्त रोष प्रदर्शन किया।

संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन एकता (डकौंदा) के जगरांव व सिधवां बेट ब्लॉक के किसान स्थानीय अनाज मंडी में इकट्ठा हुए और वहां से शहर व गांवों में विशाल मार्च निकाला। इस दौरान चिप वाले बिजली मीटरों को लेकर सरकार के फैसले के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज करवाया गया।
नेताओं का सरकार पर सीधा हमला
रैली को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष जगतार सिंह देहड़का और ब्लॉक अध्यक्ष तरसेम सिंह ने कहा कि संसद के बजट सत्र में किसानों और मजदूरों के खिलाफ काले कानून थोपे जा रहे हैं। बिजली एक्ट से किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा, जबकि बीज एक्ट के जरिए किसानों से अपने बीज रखने का अधिकार छीना जा रहा है।

ब्लॉक सचिव रछपाल सिंह और जसविंदर सिंह ने चेतावनी दी कि मनरेगा खत्म करने, पुराने श्रम कानून रद्द करने और लेबर कोड लागू करने से ग्रामीण दलितों व मजदूरों की आजीविका पर सीधा हमला होगा। उन्होंने एलान किया कि उनका संगठन 12 फरवरी की देशव्यापी मजदूर हड़ताल में पूरी ताकत से शामिल होगा।

राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों पर भी आवाज
किसान नेताओं गुरतेज सिंह और निर्मल सिंह ने पंजाब सरकार से मांग की कि पत्रकारों पर दर्ज पर्चे तुरंत रद्द किए जाएं, मजदूर नेता मुकेश मलौद को बिना शर्त रिहा किया जाए।

शहर से गांव तक शक्ति प्रदर्शन
रैली के बाद ट्रैक्टरों और झंडों से सजी मोटरसाइकिलों का काफिला अनाज मंडी से रवाना होकर लाजपत राय रोड, कमल चौक, झांसी चौक, तहसीलदार रोड, बस स्टैंड, मलक रोड, रायकोट रोड से होता हुआ करीब एक दर्जन गांवों तक पहुंचा। इस प्रदर्शन में इंद्रजीत सिंह, मनजिंदर सिंह, प्रितपाल सिंह, रणजीत सिंह, जगविंदर सिंह समेत ग्रामीण मजदूर यूनियन (मसाल) के नेता मदन सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान व मजदूर शामिल रहे।
किसानों की प्रमुख मांगें

  • चिप वाले स्मार्ट मीटर लगाने का फैसला तुरंत रद्द किया जाए
  • मीटर उतारकर दफ्तर में जमा करवाने वाले उपभोक्ताओं को पुराने मीटर वापस लगाए जाएं
  • किसानों को भेजे गए कानूनी नोटिस तुरंत वापस लिए जाएं
  • मनरेगा योजना को खत्म करने की साजिश बंद की जाए
  • बिजली एक्ट व बीज एक्ट जैसे किसान-विरोधी कानून वापस लिए जाएं

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