जालंधर। जालंधर के जमशेर खास में लग रहे बायो-गैस/बायो-फ्यूल प्लांट को लेकर चल रहा विरोध तेज हो गया है। इसे लेकर सोमवार को किसान यूनिययन सिद्धूपुर के लोग अमृतसर-दिल्ली हाईवे पर धरना लगाने पहुंचे। धरना देने से पहले ही पुलिस ने उनको रोक दिया। इसके बाद किसानों ने सोफी पिंड में रोड पर धरना लगा दिया। इससे गांवों को जाने वाला ट्रैफिक बाधित हो गया और जाम लग गया। किसान यूनियन के नेताओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
किसानों ने कहा कि प्लांट को आबादी से दूर शिफ्ट किया जाए। स्थानीय लोगों, किसानों और नेताओं का कहना है कि यह प्लांट आबादी वाले क्षेत्र के लिए खतरनाक हो सकता है। किसान यूनियन सिद्धूपुर ने इसके गेट को लेकर भी सवाल उठाया है। किसान नेताओं का कहना है कि प्लांट के दो गेट लगाए जा रहे हैं।
एक गेट मंडी की तरफ बनाया जा रहा है जो बिल्कुल गलत है। इस गेट का काम रुकना चाहिए नहीं तो मंडी ही खत्म हो जाएगी। इस प्लांट से होने वाले प्रदूषण को को लेकर भी किसानों ने आपत्ति जाहिर की है। प्लांट के विरोध में किसान यूनियन सिद्धू ने पहले 1 जनवरी को अमृतसर-दिल्ली हाईवे जाम करने की कॉल दी थी, लेकिन संत रविदास जयंती और पीएम के दौरे के चलते वापस ले लिया था।

किसानों के अमृतसर-दिल्ली हाईवे जाम को रोकने के लिए पहुंची पुलिस।

धरने से रोके जाने पर सोफी पिंड में नारेबाजी करते किसान।

किसानों पर नजर रखने के लिए खड़ी पुलिस।

धरने के दौरान जाम लग गया। ग्रामीण सड़क पर डिवाइडर पर चलकर निकल रहे लोग।

पुलिस की तरफ से रोके जाने पर सोफी पिंड में रोड पर बैठ गए किसान।
किसान और लोग क्यों कर रहे प्लांट का विरोध
- सेहत खराब होने और प्रदूषण का डर: स्थानीय लोगों का मानना है कि प्लांट से निकलने वाली गैसों और कचरे से गंभीर बीमारियां (जैसे कैंसर) और वायु प्रदूषण फैल सकता है।
- चारा मंडी खत्म होने का डर: यह प्लांट जमशेर डेयरी कॉम्प्लेक्स की चारा मंडी वाली जमीन पर बनाया जा रहा है। किसानों का कहना है कि इससे चारा रखने की जगह खत्म हो जाएगी और डेयरी व्यवसाय प्रभावित होगा।
- सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का खराब एक्सपीरियंस रहा: जमशेर में पहले से ही सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की वजह से लोग बदबू और गंदगी की समस्या झेल रहे हैं। उन्हें डर है कि नया प्लांट इस समस्या को और बढ़ा देगा।
- पराली की ट्रालियां आने से हादसों का खतरा: हाल ही में पंजाब के वायोफ्यूल प्लांटों में हुए धमाकों के कारण ग्रामीण डरे हुए हैं। इसके साथ ही लोगों का कहना है कि घनी आबादी में पराली से लोडेड ट्रालियां आएंगी जिससे हादसों का खतरा रहेगा। घनी आबादी के पास ऐसा प्लांट किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।








