सुखबीर बादल ने साफ कहा कि उन्हें अरेस्ट करना हो तो सीधे करो। बेवजह परेशान न किया जाए। उन्होंने केजरीवाल को चुनौती दी कि पर्दे के पीछे काम न करो, सीधे मैदान में आओ
पहले सुबह शिरोमणि अकाली दल की कोर कमेटी की मीटिंग चंडीगढ़ में प्रेसिडेंट सुखबीर सिंह बादल की अगुवाई में सपंन्न हो गई है। मीटिंग के बाद शिरोमणि अकाली दल के लीडर प्रधान सुखबीर बाद की अगुवाई में डीजीपी गौरव यादव से मिले हैं। उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 स्वरूपों का मामला उठाया। उन्होंन पुलिस पर अकाली कार्यकर्ताओं और नेताओं को फर्जी मुकदमें फंसाकर परेशान किया जा रहा है।
सूत्रों से पता चला है कि उन्होंने डीजीपी को कह दिया है कि अगर उन्हें अरेस्ट करना चाहते हैं तो कर सकते हैं। उन्होंने इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की है। इसके बाद तीन जिलों के यूथ अकाली दल के वर्करों को डीजीपी दफ्तर पहुंचने के लिए कहा गया है। मींटिंग के बाद वर्करों ने यहां प्रदर्शन शुरू कर दिया।
बेवजह अकालियों पर दर्ज हो रहे पर्चे
डीजीपी से मिलने के बाद सुखबीर बादल ने कहा कि पिछले दिनों प्रदेश में चुनावों में अकाली दल का प्रदर्शन सुधरा है। इसके चलते सरकार डर गई है। वह पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को परेशान कर रही है। इसके लिए पुलिस तंत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है। बेवजह कार्यकर्ताओं पर फर्जी केस दर्ज किया जा रहा है और जांच के नाम पर परेशान किया जा रहा है।
बादल ने कहा कि हमने डीजीपी के साथ मीटिंग में इसकी शिकायत की है और कहा है कि बेवजह पार्टी के समर्थकों, कार्यकर्ताओं और नेताओं को तंग न किया जाए।
हमें अरेस्ट करने के लिए ही उठा पावन स्वरूपों का मुद्दा
सुखबीर बादल ने कहा कि पंजाब पुलिस अकालियों पर फर्जी केस दर्ज कर रही है पिछले दिनों में अकालीदल के प्रदर्शन से सरकार को भय है। इसके चलते अकाली दल के लोगों को परेशान किया जा रहा है।पावन स्वरूपों का मुद्दा इसीलिए उठाया जा रहा है। उनके निशाने पर वह ( सुखबीर सिंह बादल हैं) हैं। सरकार उनको अरेस्ट करना चाहती है।
एसआईटी में दागी लोग
उन्होंने कहा कि पावन स्वरूपों को लेकर सरकार के पास कोई जांच का मुद्दा नहीं है। उसका उद्देश्य केवल अकाली दल को परेशान करना है। सरकार ने इसी लिए एसआईटी जिन अफसरों को शामिल किया है, वे दागी लोग है। उन्होंने डीजीपी से कहा है कि बेवजह फर्जी केस लगाकर उनकी पार्टी के लोगों को तंग न किया जाए।
केजरीवाल को चनौती, सीधे मैदान में आओ
बादल ने कहा कि केजरीवाल से कहना चाहता हूं कि सीधे मैदान में आओ, पुलिस का प्रयोग न करो। करीब 2 घंटे तक सुखबीर बादल बीजेपी ऑफिस में रुके थे। बादल का कहना है कि उन्होंने डीजीपी को साफ कर दिया है कि बेवजह कलियों को परेशान ना किया जाए गिरफ्तार करना है तो सीधे कर लो ।
सात माह बाद जेल से बाहर आए मजीठिया मीटिंग में शामिल हुए
दूसरी तरफ जेल से सात महीने बाहर आए सीनियर अकाली नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठिया भी मीटिंग में शामिल हुए हैं। इस मौके उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि दोनों अकाली दल एकत्रित हो।कल भी उन्होंने इस बारे में कहा था। उनके इस फैसले का नेताओं ने स्वागत किया।
वहीं, जरूरत पड़ी तो मैं नंगे पैर नेताओं के पास जाऊंगा। वहीं, आप के सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने इस पर तंज कसा है। उन्होंने कहा देखते है कि जीता साल इकट्ठा होते है या नहीं है।








