जालंधर- जालंधर के कैंट विधायक ने आप के मोगा कार्यक्रम को लेकर सवाल उठाया है। परगट सिंह ने कहा कि मोगा विलेज डिफेंस कमेटी के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान DPRO ने जो प्रेस नोट जारी किया उसमें केवल केजरीवाल का नाम है। अपनी स्टेट के सीएम का नाम अंत में एक जगह जोड़ा है। इससे पता चलता है कि पंजाब के प्रशासन पर किस तरह से दिल्ली वालों का कब्जा हो चुका है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के आने के बावजूद प्रचार का पूरा केंद्र दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को बनाया गया। प्रेस नोट के 7 मुख्य बिंदुओं में से 6 सीधे तौर पर केजरीवाल के बयानों से जुड़े हैं। सरकारी मशीनरी द्वारा एक गैर-संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को चुने गए मुख्यमंत्री से ऊपर तरजीह देना, सीधे तौर पर प्रोटोकॉल का उल्लंघन है।

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यदि सरकारी अधिकारी और संस्थान अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को भूलकर किसी राजनेता के प्रचार में जुट जाते हैं, तो यह न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन है, बल्कि प्रशासनिक ढांचे की विश्वसनीयता को भी पूरी तरह खत्म कर देता है।
सरकारी मशीनरी का प्रयोग प्रचार में करना गलत
परगट सिंह ने कहा कि पंजाब के सरकारी खजाने, अधिकारियों और मशीनरी का प्रयोग राजनीतिक प्रचार के लिए करना गलत है। पंजाब एक अलग सूबा है, लेकिन जिस तरह से यहां सीएम भगवंत मान के बजाय दिल्ली से आए नेता को सारा श्रेय दिया जा रहा है। वह पंजाब की राजनीतिक पहचान को भी खत्म करने वाला है। जनता के टैक्स के पैसे से चलने वाले विभाग जब किसी की तरफ झुक जाएं तो ये खतरनाक खतरनाक मिसाल पेश कर सकते हैं।








