3 मार्च 2026 को होली के आसपास लगने वाला चंद्र ग्रहण और चंद्रमा-केतु का संयोग ज्योतिष जगत में विशेष माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्य राकेश जैन के अनुसार यह योग केवल व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था, बाजार और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी मनोवैज्ञानिक प्रभाव डाल सकता है. हैरान करने वाली बात ये है कि चंद्रग्रहण से ठीक पहले ही ईरान पर यूएस-इजरायल ने मिलकर हमला कर दिया है और पूरा मिडिल इस्ट युद्ध की आग में झुलसना शुरू भी हो गया है आइए जानते हैं
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य राकेश जैन बताते हैं, चंद्रमा जनता और भावनाओं का प्रतीक है, जबकि केतु अनिश्चितता और अचानक बदलाव का। ऐसे में ग्रहण के आसपास शेयर बाजारों में अस्थिरता देखी जा सकती है। निवेशकों के फैसले भावनात्मक हो सकते हैं, जिससे अचानक उतार-चढ़ाव संभव है। रही बात इस सवाल की कि क्या सोने की कीमत बढ़ेगी या घटेगी? तो ज्योतिषीय दृष्टि से जब वैश्विक स्तर पर असुरक्षा या अनिश्चितता का माहौल बनता है, तो निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर झुकते हैं. सोना परंपरागत रूप से “सेफ हेवन” माना जाता है।
ग्रहण के आसपास क्या-क्या होने की संभावना
ग्रहण के आसपास यदि वैश्विक तनाव या बाजार में घबराहट बढ़ती है तो सोने की कीमतों में तेजी आ सकती है। हालांकि यह तेजी स्थायी होगी या अल्पकालिक, यह अन्य आर्थिक कारकों पर निर्भर करेगा। अचानक गिरावट की संभावना कम मानी जाती है, जब तक वैश्विक स्थिरता के स्पष्ट संकेत न मिलें।








