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जालंधर में BJP का कांग्रेस पर हमला: SIR प्रक्रिया से क्यों डर रही कांग्रेस- केडी भंडारी

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भाजपा नेता केडी भंडारी।

जालंधर-  पंजाब और चंडीगढ़ में चुनाव आयोग ने 15 जून से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान शुरू करने की घोषणा की है। यह प्रक्रिया 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए अपनाई जा रही है। इसके तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इस बीच, भाजपा नेता केडी भंडारी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए करतार बस परिवार का उदाहरण देकर फर्जी वोटों के बड़े दावे किए हैं।

भंडारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी हाल ही में SIR हुआ था, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में लगभग 91 लाख फर्जी वोट काटे गए, जिनमें बांग्लादेशी घुसपैठिए और मृतक शामिल थे। उनके अनुसार, मतदाता सूची के इस शुद्धिकरण से चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष होते हैं।

केडी भंडारी ने कांग्रेस नेता पर किया कटाक्ष

केडी भंडारी ने कांग्रेस नेता सुखजिंदर रंधावा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी को इस प्रक्रिया से घबराहट हो रही है। उन्होंने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए करतार बस के मालिक का उदाहरण दिया। भंडारी ने आरोप लगाया कि करतार के नाम पर वर्तमान में 165 वोट दर्ज हैं, जबकि उनके परिवार में केवल 6 से 7 सदस्य ही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि बाकी की वोटें आखिर किसकी हैं?

भंडारी ने पुरानी बातों का जिक्र करते हुए बताया कि 2006 में भी उन्होंने फर्जी वोट कटवाई थीं। उस समय पंप कर्मियों, ड्राइवरों और कंडक्टरों के नाम गलत तरीके से शामिल किए गए थे। उनका तर्क है कि कर्मचारियों का वोट वहीं होना चाहिए जहां वे स्थायी रूप से निवास करते हैं, न कि उनके कार्यस्थल पर फर्जी तरीके से।

बीजेपी नेता ने पंजाब के लोगों से की अपील

उन्होंने ममता बनर्जी की भवानीपुर सीट का हवाला देते हुए कहा कि वहां भी रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की करीब 40 हजार फर्जी वोटें काटी गई थीं। भंडारी ने पंजाब के लोगों से अपील की है कि वे 15 जून से शुरू होने वाले इस अभियान में अधिकारियों का सहयोग करें, ताकि पंजाब में लोकतंत्र को और मजबूत किया जा सके।

बता दें कि, पंजाब में वर्तमान में लगभग 2.14 करोड़ मतदाता हैं। 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि वोटर लिस्ट में केवल वास्तविक मतदाताओं के नाम हो। इस दौरान बीएलओ हर घर का दौरा करेंगे, नए वोट बनाएंगे और मृतकों या फर्जी लोगों के नाम काटेंगे।

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