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पंजाब में कस्टडी से भागा कैदी एनकाउंटर में ढेर: मेडिकल के दौरान फरार होने की कोशिश, पुलिस पर किया हमला

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होशियारपुर के एसएसपी संदीप कुमार मलिक ने बताया कि पुलिस ने बचाव में कैदी पर हमला किया था।

जालंधर/होशियारपुर – पंजाब के होशियारपुर में शनिवार को मेडिकल के लिए सिविल अस्पताल लाए गए कैदी की पुलिस से मुठभेड़ में मौत हो गई। मेडिकल के बाद वापस जाते हुए कैदी ने पुलिसकर्मी पर चाकू से हमला कर दिया। कैदी ने चेहरे और हाथ पर कई वार किए।

इसके बाद जैसे ही उसने पुलिसकर्मी का रिवॉल्वर लेने की कोशिश की तो जवाबी कार्रवाई में उस पर फायर किया गया। कैदी को जख्मी हालत में सिविल अस्पताल होशियारपुर में ही दाखिल करवाया गया है, जहां उसकी मौत हो गई।

कैदी की पहचान नसीब के रूप में हुई है। आरोपी नशा तस्करी के मामले में होशियारपुर जेल में बंद था। वह कोटला गौंसपुर का रहने वाला है। SSP संदीप कुमार मलिक ने बताया कि आरोपी का पिता शशि भी एनडीपीएस मामले में जेल में है। आरोपी के पास चाकू कहां से आया, किसने उसे चाकू दिया, इसकी जांच की जा रही है।

मेडिकल कराने लाए थेः SSP संदीप कुमार मलिक ने बताया कि रोज की प्रक्रिया के तहत आज तीन विचाराधीन कैदियों को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल लाया गया था। इनकी सुरक्षा के लिए पुलिस के चार जवान तैनात थे।

कांस्टेबल पर चाकू से हमला कियाः जांच के बाद सीनियर कांस्टेबल जसदीप सिंह आरोपी नसीब सिंह को ई-रिक्शा से एम्बुलेंस की तरफ ले जा रहे थे। इसी दौरान आरोपी ने भागने का प्रयास किया। आरोपी ने सीनियर कांस्टेबल जसदीप सिंह पर चाकू से ताबड़तोड़ कई वार किए।

कांस्टेबल ने फायर कर चेताया थाः कांस्टेबल जसदीप सिंह के हाथ, चेहरे और पैर पर गंभीर चोटें आईं। इस हमले के बाद हमारे मुलाजिम ने बहादुरी दिखाते हुए आरोपी को रोकने की कोशिश की, उसे सख्त चेतावनी दी और बचाव में ग्राउंड पर फायर भी किया।

हाथापाई के दौरान फायरिंग, आरोपी की मौतः दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। हाथापाई के दौरान दोनों जमीन पर गिर गए। जब आरोपी ने दोबारा पुलिस का वेपन छीनने की कोशिश की, तो बचाव में गोलियां चलीं। गोली लगने से घायल आरोपी नसीब सिंह की अस्पताल में मौत हो गई।

ड्रग तस्कर था आरोपी: पुलिस के अनुसार इस घटना के समय आरोपी नसीब सिंह अकेला ही था। सीनियर कांस्टेबल जसदीप सिंह ने घायल होने के बावजूद अत्यधिक बहादुरी से आरोपी को रोकने का प्रयास किया। मृतक आरोपी नसीब सिंह पर हत्या, हत्या के प्रयास और ड्रग्स (NDPS) के तहत 7 एफआईआर दर्ज थीं और वह एक सजायाफ्ता अपराधी था। उसका पिता शशि भी हत्या और ड्रग्स के मामले में जेल में बंद है।

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