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PRTC कर्मचारियों की 20 मई की हड़ताल स्थगित: सरकार से बनी सहमति, चुनाव बाद फिर होगी बैठक

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चंडीगढ़।  पंजाब के लोगों के लिए राहत की खबर है। 20 मई को संगरूर में शुरू होने वाली पीआरटीसी कर्मियों की हड़ताल टल गई है। ट्रांसपोर्ट मंत्री हरपाल सिंह चीमा से हुई पीआरटीसी कांट्रेक्ट कर्मचारी यूनियन की बैठक में कई मुद्दों पर सहमति बनी है। यह दावा मीटिंग के प्रधान ने किया। उन्होंने बताया कि चीमा की यह पहली मीटिंग थी।

कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने के लिए पर्सोनल विभाग से डेटा मंगवाने के लिए कहा गया है। खाली पड़े पदों पर भर्ती की जाएगी। संगरूर जेल में बंद पड़े मुलाजिमों को छुड़ाने पर भी सहमति बनी है। जल्दी ही सरकार की तरफ से एप्लीकेशन लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि चुनाव की आचार संहिता लगी है। ऐसे में दोबारा 30 और 31 मई को मीटिंग होगी।

पीआरटीसी -पनबस कांट्रेक्ट कर्मचारियों की प्रमुख मांगें –

साथियों की रिहाई

किलोमीटर स्कीम का विरोध

किलोमीटर स्कीम के तहत प्राइवेट बसों को हायर करने के लिए जारी टेंडर प्रक्रिया को पूरी तरह रद्द किया जाए ।यूनियन नेताओं ने साफ किया है कि यदि सरकार के साथ होने वाली इस उच्च स्तरीय बैठक में उनकी मांगों का कोई ठोस और सकारात्मक समाधान नहीं निकलता, तो वे राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगे।

1300 बसे और 4500 से ज्यादा स्टाफ

PRTC का मुख्यालय पटियाला में स्थित है। कॉर्पोरेशन के पास वर्तमान में 1,300 से अधिक बसों का बेड़ा है, जिसमें साधारण बसें, मिडी बसें और किलोमीटर स्कीम के तहत अनुबंधित ]बसें शामिल हैं। इन बसों के संचालन के लिए लगभग 4,000 से 4,500 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें करीब 1,022 नियमित (पक्के) कर्मचारी हैं, जबकि शेष लगभग 75 प्रतिशत स्टाफ आउटसोर्स या कांट्रैक्ट आधार पर कार्य कर रहा है।

पीआरटीसी की बसें पंजाब और चंडीगढ़ में फैले 9 से 10 मुख्य डिपो के माध्यम से लगभग 577 से 600 रूटों पर रोजाना करीब 3.5 लाख किलोमीटर का सफर तय करती हैं। यह सेवा पंजाब के अलावा दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर जैसे पड़ोसी राज्यों को भी जोड़ती है।

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