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अमावस्या पर ‘सर्वार्थ सिद्धि योग’ और ‘अमृत सिद्धि योग’ का दुर्लभ संयोग

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ज्योतिषाचार्य राकेश जैन जी ने विशेषतौर पर डिजिटल इंडिया 24 को बताया  हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में ज्येष्ठ अधिकमास के दौरान पहली बार सोमवती अमावस्या का पावन संयोग बन रहा है। सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या का विशेष महत्व होता है, जिसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना का विधान है। सबसे खास बात यह है कि इस साल अमावस्या तिथि पर ‘सर्वार्थ सिद्धि योग’ और ‘अमृत सिद्धि योग’ का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो इस दिन की महत्ता को कई गुना बढ़ा देता है।

कब है सोमवती अमावस्या?

ज्योतिषाचार्य राकेश जैन जी ने कहा पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अधिकमास की अमावस्या तिथि 14 जून 2026 को दोपहर 12 बजकर 19 मिनट पर शुरू होगी, जो 15 जून 2026 की सुबह 08 बजकर 23 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर, सोमवती अमावस्या का पर्व 15 जून 2026, सोमवार को मनाया जाएगा।

    • स्नान-दान का ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:03 से 04:43 तक।
    • अमृत और सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 05:23 से 07:08 तक।
    • अमृत काल: सुबह 11:28 से दोपहर 12:52 तक।

सोमवती अमावस्या का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विवाहित महिलाएं अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए व्रत रखती हैं और पति-पत्नी मिलकर शिव-पार्वती की पूजा करते हैं। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही, पितरों की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म करना बेहद फलदायी माना गया है, जिससे पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

सुख-सौभाग्य पाने के 5 सरल उपाय

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सोमवती अमावस्या पर ये 5 उपाय करने से जीवन में सुख और समृद्धि आती है:

  • धन लाभ के लिए: आटे में चीनी मिलाकर चींटियों को खिलाएं, इससे आर्थिक तंगी दूर होती है।
  • लक्ष्मी कृपा हेतु: शाम के समय तुलसी के समक्ष घी का दीपक जलाएं।
  • समृद्धि के लिए: घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में काले धागे की बत्ती वाला घी का दीपक जलाएं, जिसमें थोड़ा केसर मिला हो।
  • आर्थिक स्थिरता: स्नान के बाद पीपल के पेड़ की पूजा और परिक्रमा करना लाभकारी माना गया है।
  • पुण्य प्राप्ति: इस दिन अपनी क्षमता अनुसार अन्न, सफेद मिठाई, तिल और वस्त्रों का दान जरूर करें।

डिस्कलेमर (Disclaimer): यह लेख लोक मान्यताओं और उपलब्ध धार्मिक जानकारी पर आधारित है। किसी भी विशेष उपाय को अपनाने से पहले अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ या ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।

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