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जालंधर के CGST असिस्टेंट कमिश्नर पर विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई : असिस्टेंट कमिश्नर पर 10 लाख रिश्वत मांगने का केस

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मोहाली-  जालंधर में सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (CGST) विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर रविंदर कुमार शर्मा के खिलाफ पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने 10 लाख रुपए के रिश्वत मामले में अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। यह चार्जशीट एडिशनल जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में पेश की गई। मामले में विभाग से जुड़े चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) गुरसेवक सिंह के खिलाफ विजिलेंस पहले ही चालान पेश कर चुकी है।

विजिलेंस जांच के अनुसार, जालंधर के कारोबारी अनीश गांधी ने शिकायत दी थी कि उनकी फर्म डीआर मेटल्स को ब्लैकलिस्ट करने और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) रोकने की धमकी देकर उनसे रिश्वत मांगी गई थी। आरोप है कि 24 अप्रैल 2025 को उन्हें सीजीएसटी कार्यालय बुलाया गया, जहां कार्रवाई से बचाने के बदले 30 लाख रुपए की मांग की गई।

शिकायतकर्ता ने बातचीत की रिकॉर्ड

शिकायतकर्ता ने बातचीत रिकॉर्ड कर विजिलेंस को सौंप दी थी। जांच में सामने आया कि रिश्वत की रकम 10-10 लाख रुपए की तीन किस्तों में देने पर सहमति बनी थी। इसके बाद विजिलेंस ने ट्रैप लगाकर 30 मई 2025 को पहली किस्त के रूप में 10 लाख रुपए लेते समय सीए गुरसेवक सिंह को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था।

जांच के दौरान विजिलेंस को एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मिली, जिसमें कथित तौर पर सीए गुरसेवक सिंह शिकायतकर्ता से कह रहा है कि 30 लाख रुपए देने होंगे, तभी मामला आगे बढ़ सकेगा। विजिलेंस ने इस रिकॉर्डिंग को भी साक्ष्य के रूप में जांच में शामिल किया है।

कार्रवाई के दौरान विजिलेंस टीम ने फिनॉल्फ्थेलीन पाउडर लगे नोटों का इस्तेमाल किया था। जैसे ही आरोपी ने रकम स्वीकार की, उसके हाथों पर रासायनिक परीक्षण में सकारात्मक परिणाम मिला और उसे मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया।

भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत चार्जशीट दाखिल

विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि जांच में जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर असिस्टेंट कमिश्नर रविंदर कुमार शर्मा और सीए गुरसेवक सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई है। मामले की अगली सुनवाई अदालत में होगी।

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