पार्टी ने दावा किया कि इन रिपोर्टों में कुल 1191 अलग-अलग एंगल से CM की बॉडी का विश्लेषण किया गया है, जिसमें चेहरे, कद-काठी और चाल-ढाल तक का अध्ययन शामिल है। उन्होंने कहा कि ये दोनों लैब स्वतंत्र हैं, भारत सरकार से मान्यता प्राप्त हैं और पंजाब के बाहर स्थित हैं।
AAP नेताओं के अनुसार, रिपोर्ट से स्पष्ट होता है कि वीडियो में CM भगवंत मान नहीं हैं, बल्कि किसी अभिनेता का इस्तेमाल कर वीडियो तैयार किया गया है। वहीं, AAP आज इस मामले में पंजाब DGP से भी मुलाकात करने जा रही है।
गौरतलब है कि CM भगवंत मान पर आरोप है कि उन्होंने गुरुओं की तस्वीर के सामने शराब पी और उसके छींटे मारे। इसका कथित तौर पर वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसकी जांच अकाल तख्त ने करवाई और इसे सही करार देते हुए CM मान को गुरुदोषी और पंथ विरोधी करार दिया गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री चीमा ने ये बातें कहीं…
- हमारे पास वीडियो जांच की 2 रिपोर्ट: फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा कि अकाली दल व सुखबीर बादल एंड कंपनी ने CM को बदनाम करने की कोशिश की है। हम दो रिपोर्ट लेकर आपके सामने आए हैं। ये वे दो रिपोर्ट हैं, जिनमें CM भगवंत मान का फेस का एंगल क्या है, हाइट का एंगल क्या है, बॉडी पोस्चर क्या है?
- CM से मेल नहीं खाता वीडियो वाला व्यक्ति: उन्होंने कहा- इनके सारे एंगल बनाकर उस फर्जी व नकली वीडियो से कंपेयर कर बताया है कि वीडियो CM से मेल नहीं खाती है। मैं समझता हूं कि एक एक्टर या व्यक्ति को खड़ा कर वीडियो बनाई गई है, ताकि भगवंत मान को बदनाम किया जाए।
- CM की सारी चीजों का विश्लेषण किया: मंत्री ने कहा- इन रिपोर्टों में एक एंगल नहीं है, बल्कि 1191 अलग-अलग एंगल लिए गए हैं, जो बताते हैं कि CM के फेस, हाइट, बॉडी पोस्चर और उनके चलने-फिरने से लेकर सारी चीजों का विश्लेषण किया गया है। दोनों लैब इंडिपेंडेंट हैं। भारत सरकार से मान्यता प्राप्त हैं और पंजाब के बाहर की हैं।
- अकाली दल अशांति फैलाना चाहती: चीमा ने कहा कि जनता के सामने आ गया है कि अकाली दल, सुखबीर सिंह बादल और उसकी समूची पार्टी किस तरह के फर्जी वीडियो बनवाती है और लोगों के सेंटीमेंट्स से खेलती है। पंजाब के लोगों की धार्मिक भावनाएं भड़काना चाहती है। अशांति फैलाना चाहती है।
- बादल का पंथ विरोधी चेहरा सामने आया: मंत्री ने कहा- मैं समझता हूं कि हमारे पंथ को बदनाम करने की कोशिश अकाली दल कर रहा है। मैं समझता हूं कि आज अकाली दल और सुखबीर सिंह बादल का पंथ विरोधी चेहरा सामने आया है। इनके इतिहास का रिव्यू करें तो पता चलता है कि धर्म के नाम पर वोट लेकर हमारे धर्म को खंडित करने की कोशिश की गई। रिपोर्ट से साफ होता है कि फर्जी वीडियो बनाई गई और बदनाम करने की कोशिश की गई।
पन्नू बोले- बहबल कलां फायरिंग में जांच तेज होने पर साजिश की गई
वहीं, बलतेज पन्नू ने कहा कि अब 2 लैबों से जांच करवाई गई है। आज AAP का एक डेलिगेशन DGP से मिलेगा। वहीं, इस साजिश के पीछे जो लोग हैं, उनकी पड़ताल और जांच की मांग करेगा। भले ही वे देश या विदेश में बैठे हों।
उन्होंने कहा कि वीडियो में दिख रहे व्यक्ति के हाथ में तीन कैमरों वाला फोन है। जबकि, ऐसे फोन तो कुछ समय पहले ही आए हैं। पन्नू ने कहा कि यह साजिश की स्थिति इसलिए बनी क्योंकि बहबल कलां फायरिंग मामले में जांच तेज हो गई। एक हजार पेज का चालान पेश किया गया। इसमें अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल, पूर्व DGP सुमेध सैनी, पूर्व पुलिस अधिकारी उमरानंगल और चरणजी सिंह शर्मा आरोपी है। उनके खिलाफ चालान पेश हो चुका है। वह जमानत पर चल रहे हैं।








