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जालंधर में नहर का बांध टूटा, कॉलोनियों में घुसा पानी : ओवरफ्लो से मचा हड़कंप, राहत कार्य जारी

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जालंधर में ओवरफ्लो होने से नहर का बांध टूटा।

जालंधर- जालंधर के गदईपुर इलाके में मानसून की भारी बारिश से पहले ही बड़ा हादसा हो गया। यहां स्थित कालिया कालोनी में नहर का बांध अचानक टूटने से पानी तेजी से कॉलोनियों की ओर बढ़ने लगा, जिससे स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

बताया जा रहा है कि पंजाब के अन्य जिलों में हो रही लगातार बारिश के कारण नहर में पानी का स्तर बढ़ गया था। ओवरफ्लो होने के चलते बांध टूट गया। हालांकि, स्थानीय लोगों और प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए राहत कार्य शुरू कर दिया। क्रेन और मिट्टी से भरी बोरियों की मदद से बांध की मरम्मत कर दी गई, जिसके बाद पानी का बहाव काफी हद तक नियंत्रित हो गया।

पंजाब में भारी बारिश से ओवरफ्लो हुईं नहरें

शुरुआती जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से पंजाब के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है। इसके चलते राज्य की नदियों और नहरों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। गदईपुर में भी नहर में पानी का स्तर क्षमता से अधिक बढ़ने के कारण ओवरफ्लो हो गया। तेज बहाव और पानी के अत्यधिक दबाव को बांध सहन नहीं कर सका, जिसके चलते वह टूट गया।

जालंधर में ओवरफ्लो होने से नहर का बांध टूटा। - Dainik Bhaskar

देर रात शुरू हुआ राहत और बचाव कार्य

स्थानीय निवासी देसराज ने बताया कि उन्हें देर रात करीब 11 बजे बांध टूटने की पहली सूचना मिली। इसके बाद देखते ही देखते दो अलग-अलग स्थानों से बांध टूट गया और पानी तेजी से कॉलोनियों की ओर बढ़ने लगा। घटना की गंभीरता को देखते हुए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंच गए और अपने स्तर पर राहत कार्य शुरू कर दिया।

क्रेन और मिट्टी की बोरियों से रोका गया पानी

राहत कार्य के दौरान स्थानीय लोगों की मदद से मिट्टी से भरी सैकड़ों बोरियां नहर के टूटे हुए हिस्से पर लगाई गईं, ताकि पानी के बहाव को नियंत्रित किया जा सके। वहीं, सलेमपुर निवासी क्रेन मशीन मालिक मोनू ने बताया कि पास में सड़क निर्माण का काम चल रहा था, जिसके चलते उनकी मशीन मौके के पास ही मौजूद थी। सूचना मिलते ही वह क्रेन लेकर घटनास्थल पर पहुंचे और मशीन की मदद से बड़ी मात्रा में मिट्टी डालकर बांध को दोबारा मजबूत करने का काम शुरू किया गया।

घरों के अंदर पानी न घुसने से टला बड़ा नुकसान

राहत की बात यह रही कि समय रहते उठाए गए कदमों के कारण पानी लोगों के घरों तक नहीं पहुंच पाया। अगर पानी घरों के अंदर दाखिल हो जाता, तो स्थानीय निवासियों को संपत्ति और सामान का भारी नुकसान झेलना पड़ सकता था। कड़ी मशक्कत के बाद नहर के दोनों टूटे हिस्सों पर अस्थायी बांध तैयार कर पानी के बहाव को रोक दिया गया। इसके बाद सुबह तक पानी का स्तर काफी कम हो गया।

अगले 3 दिनों का मौसम अलर्ट, प्रशासन मुस्तैद

इस घटना के बाद प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। प्रभावित इलाकों में लगातार राहत कार्य और निगरानी की जा रही है। सोशल मीडिया पर जलभराव के कई वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें कॉलोनियों में पानी भरा हुआ दिखाई दे रहा है।

इसी बीच मौसम विभाग ने आने वाले तीन दिनों तक इलाके में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में अगर आने वाले दिनों में बारिश और तेज होती है तो स्थानीय लोगों की परेशानियां दोबारा बढ़ सकती हैं।

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