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24 जुलाई को मिथुन राशि में बुध होंगे मार्गी, बदल जाएगी 12 राशियों की किस्मत

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ज्योतिषाचार्य राकेश जैन स्वर्ण पदक विजेता, जालंधर ने बताया कि बुद्धि, तर्कशक्ति और वाणी के कारक ग्रह बुध देव 24 जुलाई 2026 की देर रात करीब 3 बजकर 54 मिनट पर मिथुन राशि में मार्गी होने जा रहे हैं। चूंकि मिथुन बुध की अपनी राशि है, इसलिए इस स्थिति में बुध की मौजूदगी व्यक्ति की तीव्र बुद्धि, संचार क्षमता और विश्लेषणात्मक सोच को मजबूत करने वाली मानी जाती है। सरल भाषा में समझें तो यह ग्रह हमारे सोचने-समझने, सवाल पूछने और जानकारी जुटाने के तरीके को नियंत्रित करता है। जब बुध अपनी ही राशि में अनुकूल स्थिति में होते हैं, तो व्यक्ति शोध, विश्लेषण और गहन सोच-विचार जैसे कार्यों में अपनी मानसिक क्षमताओं का बेहतर इस्तेमाल कर पाता है। हालांकि इस दौरान जिज्ञासा और मानसिक बेचैनी भी बढ़ सकती है। जिन लोगों की कुंडली में बुध मिथुन राशि में विराजमान हैं, उन्हें गणित, अर्थशास्त्र, ज्योतिष, लेखन और सूचना तकनीक जैसे क्षेत्रों में विशेष सफलता मिल सकती है। ज्योतिषाचार्य राकेश जैन ने बताया कि सभी 12 राशियों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए बुध देव तीसरे और छठे भाव के स्वामी हैं, और अब यह आपके तीसरे भाव में मार्गी होने जा रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध का तीसरे भाव में मार्गी होना सामान्य रूप से पूरी तरह शुभ नहीं माना जाता। इसके चलते आपको अपने भाई-बहनों के साथ छोटी-मोटी बहस या मतभेद का सामना करना पड़ सकता है और मन में कभी-कभी असुरक्षा या डर जैसी भावना भी घर कर सकती है। इसके अलावा गुरु ग्रह आपके धन भाव के स्वामी हैं और बुध के साथ मिथुन राशि में विराजमान होने से आपको आर्थिक नुकसान की भी आशंका बन सकती है। हालांकि यह स्थितियां हर किसी के लिए इतनी नकारात्मक नहीं रहेंगी। अगर आप परिवार के सदस्यों और भाई-बहनों के साथ विनम्रता व प्रेम से पेश आएंगे, तो निश्चित रूप से इसके सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों की कुंडली में बुध महाराज आपके दूसरे और पांचवें भाव के स्वामी हैं और अब यह आपके दूसरे भाव में मार्गी होने जा रहे हैं। बुध ग्रह का दूसरे भाव में मार्गी होना ज्योतिष में सामान्यतः शुभ माना जाता है। चूंकि बुध अपनी ही राशि में मौजूद होंगे, इसलिए यह आपके पक्ष में अनुकूल परिणाम देने की भरपूर कोशिश करेंगे। इस अवधि में आप अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार गहने, कपड़े और अन्य जरूरी सामान खरीद सकते हैं। इसके साथ ही वाणी से जुड़े क्षेत्रों में भी आपका प्रदर्शन विशेष रूप से निखरेगा। परिवार के सदस्यों के साथ आपकी बातचीत बेहतर होगी, जिससे रिश्तों में मजबूती आएगी और आपका बेहतरीन संचार कौशल आसपास के लोगों को भी प्रभावित करेगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों की कुंडली में बुध ग्रह पहले और चौथे भाव के स्वामी हैं, और अब यह सीधे आपके लग्न यानी पहले भाव में ही मार्गी हो रहे हैं। बुध अपनी ही राशि मिथुन में विराजमान होंगे और साथ ही गुरु ग्रह का प्रभाव भी इन पर रहेगा। हालांकि सामान्य रूप से बुध का लग्न भाव में मार्गी होना बहुत शुभ नहीं माना जाता, फिर भी यह आपको काफी हद तक सकारात्मक परिणाम देने की कोशिश करेगा। कुंडली के लग्न भाव में बुध की मौजूदगी कभी-कभी व्यक्ति को दूसरों को उकसाने वाला या कठोर वाणी बोलने वाला बना सकती है। इसके अलावा यह आपको धन हानि की स्थिति में भी डाल सकता है, लेकिन समझदारी और सावधानी से काम लेने पर आप अनावश्यक खर्च से बचकर अपनी आर्थिक स्थिति को संतुलित रख पाएंगे। गुरु ग्रह के प्रभाव के चलते आपको इस तरह की किसी बड़ी परिस्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा।

कर्क राशि

कर्क राशि वालों की कुंडली में बुध देव तीसरे और बारहवें भाव के स्वामी हैं और अब यह आपके बारहवें भाव में मार्गी होने जा रहे हैं। अगर आप इस दौरान अच्छे व्यवहार और विनम्रता को बनाए रखेंगे, तो नकारात्मक प्रभावों को काफी हद तक कम कर सकते हैं। इस भाव में बुध के बैठे होने से जातक अनावश्यक खर्च करते नजर आ सकते हैंम इससे धन हानि की भी संभावना बनती है। इस अवधि में आपको कुछ यात्राएं करनी पड़ सकती हैं, लेकिन गुरु का प्रभाव किसी बड़े नुकसान से बचाए रखेगा। पढ़ाई में कुछ बाधाएं आ सकती हैं, फिर भी मेहनती छात्र अपनी लगन के दम पर सफलता हासिल कर लेंगे।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए बुध ग्रह दूसरे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं और वर्तमान में यह आपके ग्यारहवें यानी लाभ भाव में गोचर कर रहे हैं। बुध अपनी ही राशि मिथुन में पांचवें भाव के स्वामी गुरु ग्रह के साथ विराजमान हैं, जिससे धन भाव में बुध का यह मार्गी होना आपके लिए बेहद शुभ परिणाम लेकर आएगा। बुध की यह स्थिति जीवन के कई क्षेत्रों में शानदार नतीजे देने वाली साबित होगी। आप हर काम को समझदारी और बुद्धिमानी से करेंगे, जिसके फलस्वरूप आपकी आय में इजाफा देखने को मिलेगा। जिन जातकों का अपना व्यापार है, वे इस दौरान अच्छा-खासा धन लाभ कमाएंगे। आपका स्वास्थ्य भी इस अवधि में मजबूत बना रहेगा और हर कदम पर आपको अपने दोस्तों व भाइयों का साथ मिलेगा।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए बुध देव दसवें भाव में गोचर कर रहे हैं, जो आपकी कुंडली में लग्न और कर्म भाव के भी स्वामी हैं। बुध महाराज का दसवें भाव में मार्गी होना सामान्य रूप से शुभ फलदायी माना जाता है। बुध अपनी राशि मिथुन में ही विराजमान होंगे, और ज्योतिष के अनुसार जब लग्न भाव का स्वामी अपनी ही राशि में दसवें भाव में मौजूद होता है, तो यह करियर के लिहाज से बेहद शुभ संकेत माना जाता है। जिन लोगों का अपना व्यापार है, वे इस दौरान अपने काम को बखूबी अंजाम दे पाएंगे, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें अच्छा लाभ प्राप्त होगा। सामाजिक जीवन में भी बुध की यह स्थिति फलदायी रहेगी क्योंकि यह आपको करियर के मार्ग में आगे लेकर जाएगी। आप अपने प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ने में सफल रहेंगे, और बुध देव आपको प्रसिद्धि व सफलता की ओर अग्रसर करेंगे। व्यापार के क्षेत्र में भी आपका प्रदर्शन बेहतरीन रहने वाला है।

तुला राशि

तुला राशि वालों की कुंडली में बुध ग्रह भाग्य भाव और बारहवें भाव के स्वामी हैं, और अब यह आपके भाग्य यानी नौवें भाव में मार्गी होने जा रहे हैं। सामान्य रूप से नौवें भाव में बुध का गोचर अनुकूल नहीं माना जाता, क्योंकि यह स्थिति जीवन में कुछ दुर्भाग्य लेकर आने का संकेत दे सकती है। इसके चलते मान-सम्मान और धन में कमी की आशंका भी बन सकती है। हालांकि हर व्यक्ति को इसके नकारात्मक परिणामों का सामना नहीं करना पड़ता। इसके पीछे दो कारण हैं।  बुध खुद भाग्य भाव के स्वामी होकर अपने ही भाव में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे यह भाव कमजोर होने की बजाय संतुलित बना रहता है।  कार्यक्षेत्र से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में बुध का यह मार्गी होना फलदायी साबित होगा, और दान-पुण्य करने से आपको मान-सम्मान की प्राप्ति भी होगी।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए बुध देव आठवें भाव और लाभ भाव के स्वामी हैं, और अब यह आपके आठवें भाव में मार्गी होने जा रहे हैं। बुध का आठवें भाव में मार्गी होना आपके लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा, क्योंकि इस भाव में बुध की उपस्थिति शुभ मानी जाती है। बुध देव अपनी ही राशि में आठवें भाव में विराजमान होंगे और साथ ही आपके लाभ भाव के स्वामी भी हैं, जिसके परिणामस्वरूप यह आपको अच्छा-खासा धन लाभ दिला सकते हैं। इसके अलावा कार्यों में अचानक मिलने वाली सफलता और प्रतिद्वंद्वियों को टक्कर देने की क्षमता भी मजबूत होगी। सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना आपको मान-सम्मान दिलाएगा। हालांकि आपको अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा, क्योंकि.  शनि की दृष्टि आपकी वाणी पर बनी रहेगी। मिथुन राशि में बुध और गुरु की युति आपकी वाणी को संतुलित रखने में मदद करेगी।  इसलिए वाणी को मधुर और विनम्र बनाए रखने का प्रयास सकारात्मक परिणाम देगा।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए बुध देव सातवें और दसवें भाव के स्वामी हैं और अब यह आपके सातवें भाव में मार्गी होने जा रहे हैं। सातवें भाव में बुध का गोचर सामान्यतः शुभ नहीं माना जाता। इस स्थिति के चलते महिलाओं के साथ वाद-विवाद हो सकता है। शारीरिक कष्ट की आशंका भी बनती है और सरकार से जुड़े कामों में भी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान यात्रा और व्यापार दोनों में हानि की संभावना है। हालांकि इसका पूरा नकारात्मक असर आपके जीवन पर नहीं पड़ेगा, या इसका प्रभाव काफी हल्का रहेगा। महिलाओं या रिश्तों से जुड़े मामलों में विनम्रता और समझदारी से व्यवहार करना जरूरी होगा। भले ही सामने वाला नकारात्मक प्रतिक्रिया दे, आपको शांत रहना ही बेहतर रहेगा। मिथुन राशि में बुध और गुरु की युति आपके जीवन को बड़े नुकसान से बचाए रखेगी, और आपके सकारात्मक प्रयास मतभेदों को रोकने में मददगार साबित होंगे। योग-अभ्यास से शारीरिक कष्टों से भी राहत मिलेगी।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए बुध ग्रह छठे भाव और भाग्य भाव के स्वामी हैं, और अब यह आपके छठे भाव में मार्गी होने जा रहे हैं। छठे भाव में बुध का मार्गी होना सामान्य रूप से आपके लिए फलदायी साबित होगा। बुध अपनी ही राशि में और आपके छठे भाव में बैठे होने से सकारात्मक परिणाम प्रदान करेंगे, विशेष रूप से आर्थिक जीवन में आपको शुभ फल मिलने की उम्मीद है। बुध महाराज आपके बारहवें भाव के स्वामी बृहस्पति देव के साथ युति कर रहे होंगे, जिसके चलते आपके सामने एक के बाद एक खर्चे आ सकते हैं। हालांकि यह खर्च बेकार की चीजों पर नहीं, बल्कि जरूरी और उपयोगी कार्यों पर ही होंगे। आपके दूसरे भाव पर गुरु और बृहस्पति दोनों का प्रभाव यह दर्शाता है कि आप सिर्फ जरूरी चीजों पर ही पैसा खर्च करेंगे। इस अवधि में आपका स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा और प्रतियोगी परीक्षाओं में भी आपका प्रदर्शन बेहतरीन रहेगा। यह समय आपको मान-सम्मान दिलाने वाला भी साबित हो सकता है।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए बुध देव पांचवें और आठवें भाव के स्वामी हैं, और अब यह आपके पांचवें भाव में मार्गी होने जा रहे हैं। इस स्थिति में मानसिक शांति भंग होने की आशंका रहती है, क्योंकि इस दौरान दिमाग में अनेक विचार और बातें उलझी रह सकती हैं। हालांकि बुध के साथ गुरु ग्रह का संयोजन आपके विचारों को संतुलित बनाए रखेगा, जिससे किसी बड़ी मानसिक समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। बुध का पांचवें भाव में मार्गी होना छोटे भाई-बहनों के साथ कुछ छोटी-मोटी समस्याएं दे सकता है। गुरु ग्रह की मौजूदगी इन समस्याओं को दूर करने में मददगार साबित होगी। कभी-कभी आपकी योजनाएं अधूरी भी रह सकती हैं, फिर भी अनुभवी गुरु ग्रह के साथ बैठे होने से ये योजनाएं अंततः अच्छे परिणाम दे सकती हैं। सरल शब्दों में कहें तो बुध के इस गोचर से मिलने वाले नकारात्मक प्रभाव काफी कम हो जाएंगे, क्योंकि बुध अपनी ही राशि में और गुरु के साथ विराजमान हैं।

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