मोगा– मोगा जिले के गांव मोठावाली स्थित सरकारी मिडिल स्कूल से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। स्कूल के प्रिंसिपल परमजीत सिंह (अमरजीत सिंह) पर 6वीं से 8वीं कक्षा के लगभग 10 से 12 छात्रों ने गलत तरीके से छूने (गुड टच-बैड टच) और अश्लील हरकतों के गंभीर आरोप लगाए हैं। बुधवार सुबह घटना से आक्रोशित परिजनों ने स्कूल पहुंचकर जमकर हंगामा किया और आरोपी प्रिंसिपल को बंधक बना लिया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने प्रिंसिपल को हिरासत में ले लिया है।
इस पूरे मामले पर थाना सदर के एसएचओ हरबिंदर सिंह ने बताया कि आरोपी प्रिंसिपल को थाने लाया गया है। पुलिस द्वारा पीड़ित बच्चों और उनके परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। बयानों के आधार पर जो भी कानूनी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

ऐसे सामने आई पूरी घटना
यह मामला मंगलवार को तब उजागर हुआ जब 8वीं कक्षा की एक छात्रा स्कूल से घर लौटने के बाद रोने लगी। माता-पिता द्वारा कारण पूछने पर उसने पूरी आपबीती सुनाई।
पीड़ित छात्रा की मां का बयान: छात्रा की माता ने बताया कि प्रिंसिपल काफी समय से बच्ची के साथ गलत हरकतें कर रहे थे। जब वे बुधवार सुबह इस संबंध में बात करने स्कूल पहुंचीं, तो प्रिंसिपल ने साफ इनकार कर दिया।
अन्य छात्रों का भी खुलासा: जब स्कूल के अन्य बच्चों से पूछताछ की गई, तो लगभग 10-12 छात्रों ने सामने आकर पुष्टि की कि उनके साथ भी प्रिंसिपल द्वारा लंबे समय से ऐसी हरकतें की जा रही थीं।
डरा-धमकाकर रखा जाता था चुप: पीड़ित छात्रों का आरोप है कि प्रिंसिपल उन्हें डराते थे कि अगर उन्होंने घर पर किसी को इस बारे में बताया तो उन्हें परीक्षा में फेल कर दिया जाएगा। इसी डर से बच्चे इतने समय तक चुप रहे।

परिजनों का हंगामा, Dial 112 ने प्रिंसिपल को लिया हिरासत में
गंभीर आरोपों से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपी प्रिंसिपल को स्कूल परिसर में ही बंधक बना लिया तथा गांव के सरपंच व पंचायत को सूचित किया। इसके बाद डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने प्रिंसिपल को भीड़ से बचाकर हिरासत में लिया और थाना सदर ले गई।
पीड़ित परिवारों ने मांग की है कि आरोपी प्रिंसिपल को तुरंत नौकरी से बर्खास्त किया जाए और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर कड़ी सजा दी जाए। परिजनों का कहना है कि “शिक्षक माता-पिता समान होता है, अगर स्कूल में ही बच्चे सुरक्षित नहीं रहेंगे तो वे कहां जाएंगे?”
प्रिंसिपल की सफाई: “गलत भावना से नहीं छुआ”
वहीं, आरोपी प्रिंसिपल ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और झूठा बताया है।प्रिंसिपल का कहना है कि स्कूल के सभी बच्चे उनके अपने बच्चों की तरह हैं। वे कई बच्चों की फीस और बस का खर्चा भी खुद उठाते हैं। हालांकि, प्रिंसिपल ने स्वीकार किया कि उन्होंने बच्चों को पीछे से स्पर्श (टच) किया था, लेकिन उन्होंने दावा किया कि इसमें उनकी कोई गलत नीयत या भावना नहीं थी। उन्होंने माता-पिता की तरह ही बच्चों को अपना समझकर समझाया था।








