जालंधर- जालंधर के संविधान चौक के पास महावीर मार्ग पर स्थित एपीजे कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स के बाहर उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब एक छात्रा को कॉलेज में अगली कक्षा में एडमिशन देने से मना कर दिया गया। पीड़ित छात्रा का आरोप है कि करीब 2 महीने पहले एक टीचर ने उसके साथ गलत हरकत की थी।
इसकी शिकायत के बाद टीचर को तो हटा दिया गया, लेकिन अब कॉलेज प्रशासन उसे थर्ड ईयर में एडमिशन नहीं दे रहा है। इंसाफ की मांग को लेकर परिजनों और छात्र संगठनों ने कॉलेज के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पीड़ित छात्रा कॉलेज में पिछले 2 साल से पढ़ाई कर रही है। उसने बताया कि 2 महीने पहले परीक्षाओं के दौरान सचिन नाम के एक टीचर ने उसके साथ गलत हरकत की थी। जब उसने इसकी शिकायत सीनियर फैकल्टी और प्रशासन से की, तो शुरुआत में उसकी बात को अनसुना कर दिया गया। परिजनों का कहना है कि बेटी के एडमिशन के लिए पहुंचे तो कॉलेज प्रशासन ने गेट बंद कर दिए।

परिजनों और छात्रा का आरोप
छात्रा की माता का कहना है कि बेटी को थर्ड ईयर में दाखिला देने से साफ इनकार किया जा रहा है। उनका आरोप है कि कल वे लगभग 9 घंटे तक कॉलेज में एडमिशन के लिए बैठे रहे, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। जब दाखिला न देने की वजह पूछी गई, तो कॉलेज प्रबंधन ने ‘हायर अथॉरिटी’ की मीटिंग का हवाला दिया।
पुलिस का बयान
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे छात्रों को शांत करवाया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रिंसिपल से बात करने पर पता चला है कि हायर अथॉरिटी की बैठक के कारण फिलहाल छात्रा के एडमिशन पर रोक लगी हुई है। पुलिस का यह भी कहना है यदि परिजनों की तरफ से कोई औपचारिक शिकायत आती है, तो कानून के तहत उचित जांच और कार्रवाई की जाएगी।
छात्र नेता ने मांगी इंसाफ की गुहार
खालसा कॉलेज के प्रधान लक्ष्य कपिला भी पीड़ित छात्रा के समर्थन में पहुंचे। उन्होंने बताया कि परीक्षा के दौरान छात्रा की सीट बार-बार बदलकर उसके साथ गलत हरकत की गई थी।
छात्र नेता ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन पीड़ित पक्ष का सहयोग करने के बजाय कॉलेज के बाहर बैरिकेडिंग करके छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित छात्रा को तुरंत एडमिशन दिया जाए और उसे इंसाफ मिले।







