जालंधर-जालंधर देहाती के करतारपुर विधानसभा क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी के नेता बलविंदर कुमार ने देहाती एसएसपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। उनकी अगुवाई में पहुंचे समर्थकों ने पंजाब सरकार और जालंधर देहाती पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धक्केशाही के आरोप लगाए।
बलविंदर कुमार ने कहा कि आप सरकार, स्थानीय पुलिस प्रशासन और आप नेता सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं। पुलिस तंत्र का गलत इस्तेमाल करके कांग्रेस, अकाली दल और अन्य विरोधी दलों के कार्यकर्ताओं समेत 150 से अधिक लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। बड़ा पिंड, धालीवाल कादियां और हुसैनपुर जैसे गांवों में मामूली विवादों पर बिना किसी कारण से FIR हुई हैं।
बलविंदर कुमार ने बताया कि मकसूदां क्षेत्र में नशे के खिलाफ हुए एक प्रदर्शन (एफआईआर नंबर 85/23) के दौरान पुलिस ने कथित रूप से 165 लोगों पर हाईवे जाम करने का मामला दर्ज कर दिया। उनका दावा है कि हाईवे जाम नहीं किया गया था। इस संबंध में वह डीजीपी गौरव यादव से भी मिले थे। उनके निर्देश पर पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (PBI) ने मामले की जांच की, जिसमें सभी आरोपियों को बेगुनाह बताते हुए केस रद्द करने की सिफारिश की गई।
बावजूद इसके पुलिस प्रशासन ने PBI की रिपोर्ट को दरकिनार करते हुए 41-42 लोगों के खिलाफ अदालत में चालान पेश कर दिया। आज एसएसपी कार्यालय पहुंचे पीड़ित पक्ष ने स्पष्ट किया कि यदि उन्हें कानून के मुताबिक न्याय नहीं मिला, तो वे सड़कों पर प्रदर्शन करेंगे और इस मुद्दे को पंजाब विधानसभा में भी प्रमुखता से उठाएंगे।


प्रदर्शन में बसपा नेता ने उठाए पुलिस पर सवाल
- 150 से अधिक लोगों पर झूठे केस दर्ज कर दिए: बसपा नेता बलविंदर कुमार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने नेताओं के कहने पर करतारपुर क्षेत्र के विभिन्न गांवों (बड़ा पिंड, धालीवाल कादियां, हुसैनपुर) में कांग्रेस, अकाली दल और अन्य विपक्षी दलों से जुड़े करीब 150 से अधिक लोगों पर नाजायज मामले दर्ज किए हैं।
- राजनीतिक दबाव में पुलिस कार्रवाई की गई: आरोप लगाया गया है कि थाना स्तर पर SHO और पुलिस अधिकारी स्थानीय विधायक और सत्ताधारी पार्टी के दबाव में काम कर रहे हैं। विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए बिना किसी निष्पक्ष जांच के शिकायत मिलते ही एफआईआर दर्ज कर दी जाती है।
- FIR 85/23 को PBI ने गलत माना: मकसूदां क्षेत्र में नशे के खिलाफ किए गए एक विरोध प्रदर्शन (FIR 85/23) का उदाहरण देते हुए बताया गया कि पुलिस ने करीब 165 लोगों पर हाईवे जाम करने का मामला दर्ज किया था। जब डीजीपी गौरव यादव के आदेश पर पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (PBI) ने इसकी निष्पक्ष जांच की, तो PBI ने लोगों को बेगुनाह पाया और एसएसपी देहाती को केस रद्द करने के निर्देश दिए।
- वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अनदेखी की गई: आरोप है कि PBI की रिपोर्ट के बावजूद स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने उच्च स्तर की जांच रिपोर्ट को दरकिनार करते हुए 41-42 लोगों के खिलाफ अदालत में चालान पेश कर दिया।
विधानसभा में उठाएंगे मुद्दा
बलविंदर कुमार और पीड़ित पक्ष ने आज एसएसपी कार्यालय पहुंचकर इंसाफ की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधायक या पुलिस अधिकारी कानून से ऊपर नहीं हैं। यदि उन्हें कानून के मुताबिक न्याय नहीं मिला, तो वे संविधान द्वारा दिए गए लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस मुद्दे को पंजाब विधानसभा में भी उठाया जाएगा।

धरने में महिला ने पुलिस मुलाजिम ननद पर धक्केशाही के लगाए आरोप
जालंधर एसएसपी दफ्तर के बाहर बसपा के धरने में पहुंची महिला जसविंदर कौर ने जालंधर देहाती थाने में तैनात पुलिस कर्मचारी ननद पर पावर का गलत इस्तेमाल करके झूठे पर्चे दर्ज कराने के आरोप लगाए। जसविंदर कौर का कहना है कि उनके पति पिछले 15 सालों से इटली में रह रहे हैं। वह अपने छोटे बच्चे के साथ घर पर रहती हैं, लेकिन उनकी ननद अपनी ऊंची पहुंच और अफसरों से जान पहचान का फायदा उठाकर उन्हें प्रताड़ित कर रही है।
महिला के अनुसार उनके ससुराल परिवार से जुड़े एक मकान का मामला कोर्ट में पेंडिंग है, जिसमें उन्हें स्टे मिला हुआ है। इसके बावजूद पुलिस मुलाजिम ननद उनके घर के ताले तोड़ने का झूठा इल्जाम लगाकर उन पर एक और पर्चा दर्ज करवाने की कोशिश कर रही है। जसविंदर कौर ने बताया कि उस पर करवाया गया पहले का पर्चा जांच में रद्द हो चुका है, लेकिन उसकी कैंसलेशन रिपोर्ट एसएसपी दफ्तर नहीं मिल पा रही है।








