best news portal development company in india

पठानकोट में हाई-वोल्टेज ड्रामा : 200 फीट ऊंचे बिजली के खंभे पर चढ़े दो बुजुर्ग, मांगों को लेकर किया हंगामा

SHARE:

खंभे पर चढ़े बुजुर्ग।

पठानकोट- पठानकोट के विधानसभा हलका सुजानपुर के अधीन आते माधोपुर क्षेत्र में मंगलवार को उस समय प्रशासन में हड़कंप मच गया, जब अपनी मांगों को लेकर डैम बैराज औसती संघर्ष कमेटी जैनी जुगियाल के दो बुजुर्ग करीब 200 फुट ऊंचे हाई-वोल्टेज बिजली के खंभे पर चढ़ गए। दोनों बुजुर्ग खंभे के ऊपरी हिस्से में जाकर बैठ गए और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताने लगे।

जानकारी के अनुसार डैम बैराज औसती संघर्ष कमेटी जैनी जुगियाल से संबंधित कुलविंदर सिंह (81) और शर्म सिंह (85) मंगलवार को माधोपुर में डीसी पठानकोट के आवास के पास स्थित हाई-वोल्टेज बिजली के खंभे पर चढ़ गए। करीब 200 फुट की ऊंचाई पर दोनों बुजुर्गों के पहुंचने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस में हड़कंप मच गया।

पहले भी कई बार कर चुके हैं विरोध

बताया जा रहा है कि दोनों बुजुर्ग अपनी मांगों को लेकर पहले भी इस तरह का विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। इससे पहले वे टावर और पानी की टंकियों पर चढ़कर प्रशासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर खींच चुके हैं। इतना ही नहीं, उक्त बुजुर्ग इससे पहले भी दो बार बिजली के खंभे पर चढ़ चुके हैं।

कमेटी सदस्यों का आरोप है कि हर बार प्रशासन की ओर से उनकी मांगों को लेकर आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन लंबे समय से उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाया। इसी के चलते उन्होंने दोबारा ऊंचाई पर चढ़कर विरोध जताने का फैसला लिया।

मौके पर पहुंचा प्रशासन

हाई-वोल्टेज खंभे पर दो बुजुर्गों के चढ़ने की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की ओर से दोनों बुजुर्गों को नीचे उतरने के लिए समझाने का प्रयास किया गया। वहीं, हाई-वोल्टेज बिजली लाइन होने के कारण मौके पर सुरक्षा को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती गई। बुजुर्गों के इस कदम के बाद क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई। प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने के साथ-साथ दोनों बुजुर्गों को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास किए जा रहे थे। लोगों में भी इस बात को लेकर चिंता बनी रही कि इतनी अधिक ऊंचाई पर हाई-वोल्टेज बिजली लाइन के बीच बुजुर्गों का बैठना बेहद जोखिम भरा है।

आश्वासन के बावजूद नहीं सुलझा मामला

कमेटी सदस्यों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना है कि कई बार प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखी गई और उन्हें समाधान का भरोसा भी दिया गया, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी हल नहीं निकला। इसी कारण उन्हें बार-बार इस तरह के विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

best news portal development company in india
सबसे ज्यादा पड़ गई