संगरूर– संगरूर में वित्त मंत्री हरपाल चीमा से नशे की सरेआम बिक्री का सवाल पूछने के बाद सुसाइड करने वाले व्यक्ति के अंतिम संस्कार पर हंगामा हो गया। ग्रामीणों ने श्मशान में अंतिम संस्कार रुकवा दिया। वहां सजाई चिता की लकड़ियां उठाकर फेंक दी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की तरफ से मृतक गुलजार सिंह का जबरन अंतिम संस्कार किया जा रहा था। परिवार तक को आखिरी बार उसका मुंह तक नहीं दिखाया गया।
हालांकि बाद में प्रशासन और परिवार के बीच सहमति बन गई। इसमें परिवार के एक मेंबर को सरकारी नौकरी व 20 लाख का मुआवजा देने का भरोसा दिया गया। इसके अलावा मृतक का जो बेटा नशे करता है, उसका भी मुफ्त इलाज कराया जाएगा।
सुसाइड करने से पहले गुलजार सिंह का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उसने कहा था कि मेरी मौत के लिए मंत्री हरपाल चीमा भी जिम्मेदार हैं। हालांकि मंगलवार को AAP के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने कहा कि घटना के दो वीडियो सामने आए हैं। इसमें पहले वीडियो में कहीं भी हमारे किसी मंत्री का नाम नहीं लिया गया। वीडियो में यह सुना जा सकता है।

चिता से लकड़ी उठाकर फेंकते ग्रामीण।
अनुराग ढांडा ने कहा कि जब व्यक्ति ने जहर खा लिया था, तो उसे तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए था। लेकिन उस पर दबाव बनाकर दोबारा वीडियो बनवाया गया और कहा गया कि जब तक वह मंत्री का नाम नहीं लेगा, उसका इलाज नहीं किया जाएगा। इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए।

पुलिस ने महिला सरपंच बलजिंदर कौर, उनके पति बलजिंदर सिंह समेत अन्य लोगों पर केस दर्ज कर लिया। साथ ही सरपंच के पति बलजिंदर को गिरफ्तार कर लिया है। नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन ने भी सुसाइड का संज्ञान लिया है। कमीशन के मेंबर प्रियांक कानूनगो ने इसकी पुष्टि की।
इस मामले में कांग्रेस ने वित्तमंत्री हरपाल चीमा के इस्तीफे की मांग की है। वहीं BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने चंडीगढ़ में गवर्नर गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर मामले की CBI जांच की मांग की है।

पहले जानिए गुलजार की मौत कैसे हुई
6 सितंबर को मंत्री हरपाल चीमा तूर बंजारा गांव में लोगों से मिलने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान किसान गुलजार सिंह ने उनसे मुलाकात की और बताया कि उसका बेटा और गांव के कई अन्य लोग ‘चिट्टे’ के नशे के आदी हैं। उसने मंत्री से इस पर कार्रवाई करने की गुहार लगाई। परिवार का आरोप है कि इसके बाद सरपंच और पंच उनके घर आए और गुलजार सिंह को धमकाया कि मंत्री हरपाल चीमा से माफी मांग ले। इससे परेशान होकर उसने 7 सितंबर को जहर खा लिया था।
हालत बिगड़ने पर उसे पहले संगरूर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से पटियाला के राजिंदरा अस्पताल रेफर किया गया। पटियाला पहुंचने पर वेंटिलेटर नहीं मिला, तो उसे दोबारा संगरूर के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान रात करीब 11 बजे उसकी मौत हो गई थी।
गुलजार की मौत पर AAP ने क्या कहा
- AAP के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति मंत्री के सामने अपनी समस्या रखता है, तो इसका मतलब है कि उसे सरकार पर भरोसा है। गुलजार सिंह ने जैसे ही अपनी समस्या बताई, जिन लोगों के नाम सामने आए, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
- ढांडा ने कहा कि राजनीति इतनी गंदी नहीं होनी चाहिए कि किसी की जान को भी मुद्दा बना दिया जाए। उन्होंने इसे लाशों पर राजनीति करने जैसा बताया। ढांडा ने कहा कि मान सरकार किसी भी ड्रग तस्कर को नहीं छोड़ेगी और जांच में जिसका भी नाम सामने आएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
- अनुराग ढांडा ने अकाली-भाजपा सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उस समय तस्करों से हफ्ता लिया जाता था और उनके मंत्री नशे की सप्लाई करते थे।

शिकायत मिलने पर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग जांच करेगा
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हरजीत सिंह ग्रेवाल ने कहा कि गुलजार सिंह की मौत से जुड़े मामले में आयोग को अभी तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर नियमों के हिसाब से जांच की जाएगी। वह इस मामले में भाजपा नेता के तौर पर नहीं, बल्कि अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष के रूप में अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
अब जानिए विपक्ष ने क्या कहा….
कांग्रेस ने कहा- वित्तमंत्री इस्तीफा दें
पंजाब में कांग्रेस के विधायक दल नेता प्रताप सिंह बाजवा ने दिल्ली में कॉन्फ्रेंस कर कहा- वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 6 तारीख को एक सभा में कहा- हमने नशे के खिलाफ जो लड़ाई शुरू की, वह सफल रही। तभी गांव के एक व्यक्ति गुलजार सिंह ने मंत्री की बात को गलत बताते हुए कहा- नशा आज पंजाब के हर घर तक पहुंच चुका है।
इस सभा के अगले दिन गांव के पंच समेत AAP के समर्थक गुलजार सिंह के घर पहुंचे और कहा- मंत्री से माफी मांगो, लेकिन गुलजार सिंह ने माफी मांगने से इनकार कर दिया। गुलजार पर दबाव बढ़ा तो उसने मंत्री का नाम लेते हुए वीडियो बनाया और आरोप लगाया कि मंत्री के इशारे पर उसे डराया-धमकाया जा रहा है। अब खबर है कि गुलजार सिंह ने सल्फास खाकर जान दे दी।ऐसे में हमारी मांग है कि मंत्री हरपाल सिंह चीमा का इस्तीफा लिया जाए और इस घटना में जो शामिल हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई हो।
मंत्री पर FIR दर्ज की जाए- चन्नी
पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने रात में फेसबुक पर लाइव आकर कहा कि संगरूर के दिड़बा हलके के तूर बंजारा गांव में वित्त मंत्री हरपाल चीमा के दौरे के दौरान गुलजार सिंह ने अपने बेटे के नशा करने और घर का सामान बेचने की शिकायत की थी।
उन्होंने मंत्री से पूछा था कि नशा आखिर कहां से मिल रहा है। चन्नी के मुताबिक, इसके बाद पुलिस गुलजार के घर पहुंची और सोमवार को उसे पंचायत में बुलाया गया। पुलिस और मंत्री के खौफ से उसने सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली।
चन्नी ने कहा कि मौत से पहले गुलजार ने वीडियो बनाकर मंत्री हरपाल चीमा और सरपंच को जिम्मेदार ठहराया। पुलिस परिवार पर FIR दर्ज न कराने और पोस्टमॉर्टम रोकने का दबाव बना रही है। उन्होंने मंत्री और सरपंच के खिलाफ FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

मंत्री से माफी मांगने के लिए धमकाया- BJP नेता गौरव भाटिया
BJP नेता गौरव भाटिया ने कहा कि, तूर बंजारा गांव के रहने वाले गुलजार सिंह ने AAP मंत्री हरपाल सिंह चीमा के गांव दौरे के दौरान अपने बेटे के चिट्टा लेने की शिकायत की थी और कार्रवाई की मांग की थी। भाटिया ने कहा कि मंत्री के जाने के बाद सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़े स्थानीय सरपंच ने गुलजार सिंह को धमकाया और उनसे मंत्री से माफी मांगने को कहा। इसके बाद परेशान होकर गुलजार सिंह ने जहर खा लिया। उन्होंने एक वीडियो बनाकर पंजाब में नशे की स्थिति के लिए चार लोगों को जिम्मेदार ठहराया। इलाज के दौरान कल उनकी मौत हो गई।








