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AAP मंत्री मोहिंदर भगत पर टूटा दुखों का पहाड़: एक ही दिन पिता और जीजा का निधन ; भगत चुन्नी लाल का अंतिम संस्कार बस्ती शेख श्मशानघाट में किया गया

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मंत्री मोहिंदर भगत के पिता भगत चुन्नी लाल (बाएं) और जीजा मोहनलाल भगत (दाएं)।

जालंधर–  पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के मंत्री मोहिंदर भगत के पिता भगत चुन्नी लाल का गुरुवार सुबह निधन हो गया। उन्होंने करीब 94 साल की उम्र में जालंधर के बस्ती एरिया स्थित अपने घर में अंतिम सांस ली। बस्ती शेख श्मशानघाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। वहीं पंजाब सरकार ने पूर्व मंत्री भगत के निधन पर शोक स्वरूप सरकारी दफ्तरों में आज आधे दिन की छुट्टी का ऐलान किया है।

इस बीच कैबिनेट मंत्री के जीजा मोहनलाल भगत का भी निधन हो गया। मोहनलाल भगत पिछले 15 दिनों से बीमार चल रहे थे। बताया जा रहा है कि मोहनलाल को ब्रेन हेमरेज हुआ था, जिसके बाद उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। ब्रेन हेमरेज के बाद वह कोमा में चले गए थे। गुरुवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। वह सिंचाई विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे।

भगत अकाली-भाजपा गठबंधन वाली सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे थे। उनका जन्म 1 दिसंबर 1932 को सियालकोट (मौजूदा पाकिस्तान) में हुआ था। भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद उनका परिवार जालंधर में आकर बस गया था। उनका स्पोर्ट्स गुड्स के निर्यात का कारोबार था।

उनके चार बेटे और चार बेटियां हैं। जालंधर वेस्ट की राजनीति में लंबे समय तक प्रमुख चेहरा रहे। उन्होंने 1997 में पहली बार चुनाव जीता था और विधानसभा पहुंचे। 2017 में उन्होंने राजनीति से संन्यास ले लिया था।

पूर्व मंत्री भगत चुन्नी लाल पंचतत्व में विलीन हुए।
पूर्व मंत्री भगत चुन्नी लाल पंचतत्व में विलीन हुए।

1985 में पहली बार चुनाव लड़ा

राजनीतिक सफर की शुरुआत में भगत चुन्नी लाल ने 1985 में जालंधर दक्षिण सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। हालांकि, इस चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिली। बाद में वह भाजपा में शामिल हो गए। 1997 में उन्होंने जालंधर दक्षिण सीट से पहली बार चुनाव जीता और पंजाब विधानसभा पहुंचे।

पीएम नरेंद्र मोदी के साथ भगत चुन्नी लाल। 1990 के दशक में मोदी पंजाब BJP के प्रभारी रहे। फाइल फोटो।
पीएम नरेंद्र मोदी के साथ भगत चुन्नी लाल। 1990 के दशक में मोदी पंजाब BJP के प्रभारी रहे। फाइल फोटो।

सीट बदली, जीत का सिलसिला नहीं टूटा

2007 में वह इसी सीट से दूसरी बार विधायक चुने गए। इसके बाद परिसीमन के कारण यह क्षेत्र जालंधर पश्चिम बन गया। 2012 के पंजाब विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के तौर पर जालंधर पश्चिम से चुनाव लड़ा और फिर जीत दर्ज की।

पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल के साथ भगत चुन्नी लाल। (फाइल फोटो)
पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल के साथ भगत चुन्नी लाल। (फाइल फोटो)

पंजाब विधानसभा में डिप्टी स्पीकर भी रहे

अपने राजनीतिक करियर के दौरान भगत चुन्नी लाल ने कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाली। 2011 में सतपाल गोसाईं के इस्तीफे के बाद उन्हें पंजाब विधानसभा का उपाध्यक्ष (डिप्टी स्पीकर) चुना गया। 2012 से 2017 तक वह प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे।

इस दौरान उन्होंने स्थानीय निकाय, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान, श्रम तथा वन एवं वन्यजीव मंत्रालयों का कार्यभार संभाला। इसके अलावा, 2012 से 2017 तक वह पंजाब विधानसभा में बीजेपी विधायक दल के नेता भी रहे। इसके बाद उन्होंने 2017 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया।

पूर्व मंत्री की अंतिम विदाई की तस्वीरें…

मंत्री मोहिंदर भगत के पिता भगत चुन्नी लाल की अंतिम यात्रा के लिए वाहन को फूलों से सजाया गया।
मंत्री मोहिंदर भगत के पिता भगत चुन्नी लाल की अंतिम यात्रा के लिए वाहन को फूलों से सजाया गया।
पुलिस के जवान पूर्व मंत्री भगत चुन्नी लाल को श्रद्धांजलि देते हुए।
पुलिस के जवान पूर्व मंत्री भगत चुन्नी लाल को श्रद्धांजलि देते हुए।
पूर्व मंत्री भगत चुन्नी लाल की अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब।
पूर्व मंत्री भगत चुन्नी लाल की अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब।
श्मशान घाट में अंतिम रस्में निभाते हुए।
श्मशान घाट में अंतिम रस्में निभाते हुए।

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