चंडीगढ़- पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस के कनाडा दौरे को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में मंत्री की विदेश यात्रा के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी लेने और यात्रा भत्तों के भुगतान की जांच की मांग की गई है।
याचिकाकर्ता ने कहा कि बैंस 17 से 20 जनवरी 2024 के बीच कनाडा के निजी दौरे पर थे, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में इसी अवधि के दौरान पंजाब और दिल्ली के अलग-अलग स्थानों पर भी उन्होंने दौरा किया।
इसपर 11 सितंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने पंजाब सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है कि एक ही व्यक्ति एक ही टाइम में दो जगह कैस पहुंच सकता है। हांलाकि अभी सरकार की ओर से इस मामले में कोई बयान सामने नहीं आया है।
17-20 जनवरी 2024 के कनाडा दौरे पर उठे सवाल
जालंधर के रहने वाले करण प्रीत सिंह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। जिसमें केंद्र सरकार, पंजाब सरकार और AAP मंत्री हरजोत सिंह बैंस को प्रतिवादी बनाया गया है। याचिका में दावा किया गया है कि बैंस ने 17 से 20 जनवरी 2024 तक कनाडा का निजी दौरा किया था। इस यात्रा के लिए केंद्र सरकार से आवश्यक मंजूरी नहीं ली गई थी।
याचिका में कहा गया कि विदेश यात्रा से पहले राज्य के मंत्रियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक मंजूरी लेना जरूरी होता है। इसी आधार पर याचिकाकर्ता ने मंत्री की विदेश यात्रा से संबंधित मंजूरी और अन्य दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है। साथ ही कहा कि पंजाब सरकार ने मंत्री के हवाई टिकट के लिए तीन लाख रुपए का भुगतान स्वीकृत किया।
कनाडा और पंजाब-दिल्ली में होने का दावा
याचिका में दावा किया गया कि है कि मंत्री हरजोत सिंह बैंस की जिस अवधि में मंत्री के कनाडा में रहने से संबंधित दस्तावेज मिलें है, उसी दौरान पंजाब और दिल्ली में स्थानीय दौरों के लिए यात्रा भत्ते भी प्राप्त किए गए।
याचिका में दावा किया गया है कि सरकारी रिकॉर्ड मंत्री की 17 से 20 जनवरी 2024 के बीच चंडीगढ़, रोपड़, कीरतपुर साहिब, आनंदपुर साहिब और दिल्ली में मौजूदगी को दर्शाते हैं। दूसरी ओर, इसी अवधि के दौरान मंत्री के कनाडा में ठहरने से संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध हैं।
इसी आधार पर याचिकाकर्ता ने सवाल उठाया है कि यदि मंत्री उस समय कनाडा में थे तो उसी अवधि में पंजाब और दिल्ली के विभिन्न स्थानों के दौरे और वहां मौजूदगी से संबंधित रिकॉर्ड कैसे बना।
पहले विदेश मंत्रालय से की थी शिकायत
याचिकाकर्ता करण प्रीत सिंह के अनुसार, उन्होंने इस मामले को लेकर पहले विदेश मंत्रालय से भी शिकायत की थी। 9 मार्च 2025 को विदेश मंत्रालय के पास इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई थी। याचिकाकर्ता का आरोप है कि शिकायत दिए जाने के बावजूद मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने मामले को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष उठाया और जनहित याचिका दायर की।







