याचिका में ये भी दावा किया गया कि प्रदर्शन की आड़ में नेशनल हाईवे को ब्लॉक कर नेशनल सिक्योरिटी को भी खतरे में डाला गया। यह हाईवे पाकिस्तान से सटे जम्मू एंड कश्मीर को बाकी राज्यों से जोड़ता है। इस मामले में CBI जांच की मांग को लेकर फिलहाल हाईकोर्ट ने कोई फैसला नहीं दिया है। मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी।

LPU में हुए प्रदर्शन के दौरान जाम किया नेशनल हाईवे और हाईकोर्ट में सुनवाई की जानकारी देते एडवोकेट सत्यपाल जैन।

हाईकोर्ट की सुनवाई में क्या हुआ…
- याचिकाकर्ता ने कहा- झूठी पोस्ट डाली गई: इस मामले में केंद्र सरकार की तरफ से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एडवोकेट सत्यपाल जैन ने कहा कि एक स्टूडेंट ने याचिका दायर की। उसने इल्जाम लगाया कि किसी ने एक झूठी पोस्ट डाली। जिसमें लिखा गया कि 2 लड़कियों से रेप हुआ और उन्होंने सुसाइड कर लिया। जिसके बाद वहां हिंसा हुई। इसमें कुछ स्टूडेंट्स भी थे और बाकी बाहरी लोगों ने जीपों-कारों में हिंसा की।
- हाईवे जाम कर देश की सुरक्षा खतरे में डाली: एडवोकेट जैन ने कहा- याचिकाकर्ता ने ये भी कहा कि काफी देर तक फगवाड़ा-जालंधर नेशनल हाईवे काफी देर तक जाम रहा। यह हाईवे भारत के अंतिम छोर वाले सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य जम्मू एंड कश्मीर के रास्ते को ब्लॉक किया, जो देश की सुरक्षा के लिए खतरा था। उन्होंने ये भी मांग की कि पंजाब पुलिस के बजाय इस केस की जांच CBI से कराई जाए।
- पंजाब पुलिस ने इफेक्टिव कार्रवाई नहीं की: एडवोकेट जैन ने कहा- सुनवाई के दौरान जजों ने पंजाब सरकार और हमारी बात सुनी। इसके बाद पंजाब सरकार से इसके बारे में सभी तथ्यों पर स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा। इसमें याचिकाकर्ता का आरोप है कि घटना हुई नहीं, झूठा प्रचार किया और पंजाब पुलिस को जो इफेक्टिव कार्रवाई करनी चाहिए थी, वह नहीं की। पुलिस ने ढुलमुल रवैया अपनाया, जिससे वहां का माहौल खराब हुआ।
- हाईकोर्ट ने कहा- क्या कार्रवाई कर रहे, रिपोर्ट मांगी: याचिकाकर्ता ने ये भी कहा कि लवली ही नहीं बल्कि चितकारा में भी ऐसी घटना हुई है। पंजाब सरकार ने कहा कि हमने केस दर्ज किया है और जांच कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि क्या-क्या एक्शन हुआ?, कौन-कौन दोषी है?, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई, क्या कार्रवाई होगी, इस सबकी जानकारी 8 अक्टूबर को देनी है।
- ये प्लांड कॉन्स्पिरेसी, तह तक जाना चाहिए: एडवोकेट जैन ने कहा- मैंने उनसे सिर्फ यही कहा कि जब घटना हुई और प्रचार हुआ है तो महत्वपूर्ण बात ये है कि इसके पीछे कौन हैं, ये प्लांड कॉन्स्पिरेसी है, इसकी तह तक जाना चाहिए कि इसके पीछे कौन है। लॉ एंड ऑर्डर स्टेट का सब्जेक्ट है, इसलिए केंद्र सरकार ने इसमें कोई जवाब नहीं देना है।
- यूनिवर्सिटी को डिस्टेब्लाइज करने की कोशिश: याचिकाकर्ता ने ये भी कहा कि इस मामले में अभी तक कोई पीड़िता सामने नहीं आई और पुलिस को भी नहीं मिली। इससे ये लगता है कि यूनिवर्सिटी को डिस्टेब्लाइज करने की कोशिश की गई। इसकी मैनेजमेंट को परेशान करने के लिए ये साजिश रची गई है। पुलिस ने इतना ही कहा कि हम जांच कर रहे हैं।
हाईवे बंद होना सुरक्षा के लिए खतरा क्यों
सत्यपाल जैन ने बताया कि जम्मू कश्मीर बॉर्डर स्टेट है। उसके बहुत नजदीक पाकिस्तान है। भारत के बाकी राज्यों का संपर्क मुख्य तौर पर इसी अमृतसर, जालंधर, फगवाड़ा, पठानकोट और जम्मू के रास्ते ही कनेक्ट होते हैं। इस पर एक घंटे का ब्लॉक भी बहुत बड़ा है। मान लीजिए, बॉर्डर पर कोई तनाव हो, इस पर 15 मिनट या आधे घंटे की भी ब्लॉकेज होती है तो यह देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। जब हालात बिगड़ते हैं तो ट्रेन-बसें रोक दी जाती हैं ताकि मिलिट्री आसानी से गुजर सके, इसलिए इस रोड का 24 घंटे खुला रहना बड़ा खतरा है।

इसी बीच हिंसा का आरोप इन्फ्लुएंसर मोहम्मद फरहात पर लगा है। इंस्टाग्राम पर एक छात्रा ने वीडियो पोस्ट कर दावा किया कि फरहात ने छात्रों को भड़काया और यूनिवर्सिटी के DSW (डीन स्टूडेंट वेलफेयर) कार्यालय में तोड़फोड़ करवाई।
वीडियो में एक सीसीटीवी फुटेज भी शेयर की गई है। दावा किया गया कि फरहात DSW कार्यालय में गया और कुछ युवकों को अंदर बुलाया। इसके बाद नकाब पहने युवक अंदर पहुंचे और तोड़फोड़ शुरू कर दी।
हालांकि, फरहात ने इन आरोपों से इनकार किया है। उसने कहा कि उसने DSW में तोड़फोड़ नहीं की और उसके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं। फरहात ने प्रदर्शन के दौरान वायरल अपनी अन्य वीडियो क्लिप्स पर भी सफाई देते हुए कहा- अगर मैं गलत हूं तो मैं एक जगह गलत हूं, मैं हर जगह गलत नहीं हो सकता। मुझे किसी की सिंपैथी नहीं चाहिए, मुझे बस इतना चाहिए कि भाई, आप सच देखो।
इधर, सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने LPU में हुए हंगामे, हाईवे जाम, यूनिवर्सिटी के अंदर लूटपाट-तोड़फोड़ और पुलिस की गाड़ियों में आग लगाने से जुड़े मामलों में 3 और FIR दर्ज कर ली हैं। इससे पहले रविवार को सतनाम थाने में छात्रा से कथित रेप की FIR दर्ज की थी।
अब सवाल है कि मोहम्मद फरहात कौन है, उस पर लगे आरोपों में कितनी सच्चाई है। फरहात ने वायरल वीडियो पर क्या सफाई दी। DSW में तोड़फोड़ करने वाले कौन थे और पुलिस उनकी पहचान कैसे कर रही है।

जानिए कौन है मोहम्मद फरहात
जानकारी के मुताबिक, मोहम्मद फरहात LPU में BBA फाइनल ईयर का छात्र है। वह यूनिवर्सिटी के पास ही एक PG में रहता है। अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर उसने खुद को मॉडल और एक्टर बताया है। वह मॉडलिंग से जुड़ी वीडियो भी पोस्ट करता रहता है।
फरहात के इंस्टाग्राम पर 21 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। वह मूलरूप से जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है। LPU में हुए प्रदर्शन के दौरान की वीडियो भी उसने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट की थी। इसमें वह प्रदर्शन के दौरान आगे नजर आ रहा है और पुलिस से छात्रा को इंसाफ दिलाने की बात करता दिखाई दे रहा है।
फरहात ने LPU हिंसा पर दी सफाई…
- मैंने डंडे से हिट किया था: मोहम्मद फरहात ने कहा कि मुझे ये सब वीडियो बनानी नहीं थी, लेकिन अब मसला हाथ से बाहर निकल चुका है। आपने कुछ क्लिप्स देखी होंगी, जिनमें मैं टंग स्टाइल पर था। सबसे पहले टंग स्टाइल पर मैंने डंडे से हिट किया था। शुरुआत में जब कोई भी नहीं आया था, तब मैं और मेरे 3-4 दोस्त साथ थे।
- लड़की को गार्ड ने थप्पड़ मारा था: फरहात ने कहा कि हम जैसे ही मेन गेट पर पहुंचे, वहां लड़कियां थीं। उनमें से एक लड़की, जिसका मेरे पास नाम भी है और पूरा प्रूफ भी है, जिसे मैंने मीडिया के सामने भी लाया था, उसे गार्ड ने थप्पड़ मारा था। दूसरी लड़की के हाथ पर गार्ड ने डंडे से मारा। उसके बाद हीट ऑफ द मोमेंट में जो हुआ, उसकी मैंने सबके सामने अकाउंटेबिलिटी ली कि हां भाई, वो मैंने किया है।
- DSW में ट्रॉफियां तोड़ने से रोका: फरहात ने कहा कि बाकी दो क्लिप्स हैं। एक DSW की है। DSW में जितने भी लोग वहां मौजूद थे, मैंने सबको बताया कि भाई, वहां ट्रॉफियां मत तोड़ो। तुम्हें जो करना है करो। अगर तुम्हारे अंदर रेज है तो तुम करो, लेकिन ट्रॉफियों को हाथ मत लगाना, क्योंकि वो किसी की आर्ट है। मैं खुद एक आर्टिस्ट हूं, इसलिए मैं नहीं चाहता कि ट्रॉफियों की डिसरिस्पेक्ट हो। मेरे पास ये सारे प्रूफ पड़े हैं, मैं इन्हें इंस्टाग्राम पर एक-एक करके शेयर करूंगा।
- चेन तोड़कर गर्ल्स हॉस्टल में बांधी: फरहात ने कहा कि तीसरी क्लिप चेन खींचते हुए की थी। चेन खींचते हुए मैंने सोचा था कि हम ये चेन गर्ल्स हॉस्टल में बांधेंगे। जो चेन मैंने तोड़ी और फिर गर्ल्स हॉस्टल के आसपास मैंने खुद और मेरे दोस्तों ने बांधी थी, उसका भी पूरा प्रूफ है। तभी लड़कियों ने शोर मचाया और मेरी सपोर्ट में निकलीं कि भाई, आप करो।
- गलती का एहसास हुआ, अकाउंटेबिलिटी ली: फरहात ने कहा कि जब मुझे अपनी गलती रियलाइज हुई तो मैंने तुरंत वहीं पर सब कुछ बंद कर दिया। तब मैं अकेला नहीं था। वहां टंग स्टाइल पर मुझसे पहले भी लोग थे, लेकिन उस वक्त हीट ऑफ द मोमेंट में मुझसे वो हो गया और उसकी अकाउंटेबिलिटी मैंने ली।
- सोशल मीडिया से पहले ही फेम मिल रहा था: फरहात ने कहा कि और सेकंडली, अगर मुझे फेम चाहिए था, मुझे लाइमलाइट चाहिए थी, तो फेम मुझे अपने सोशल मीडिया से मिल रहा था। उससे कहीं ज्यादा मिल रहा था और इससे पहले भी मिल रहा था।
- मैं तीन दिन से सोया नहीं हूं: फरहात ने कहा कि तीसरी बात, लोग कह रहे हैं कि अटेंशन चाहिए। ठीक है भाई। सबको पता है कि मैंने अपनी सेफ्टी रिस्क करके लोकल्स के साथ कैसे डील किया है कल रात में। मैं तीन दिन से सोया नहीं हूं।
- मैं हर जगह गलत नहीं हो सकता: फरहात ने कहा कि अब आप बोलोगे कि मैं सिंपैथी गेन कर रहा हूं। मुझे किसी की सिंपैथी नहीं चाहिए। मुझे बस इतना चाहिए कि भाई, आप सच देखो। अगर मैं गलत हूं तो मैं एक जगह गलत हूं, मैं हर जगह गलत नहीं हो सकता।
- करियर दांव पर लगाकर पुलिस को स्टेटमेंट दी: फरहात ने कहा कि आप बोल रहे हो कि भाई, पुलिस के सामने मैंने अपनी स्टेटमेंट क्यों दी? अगर मैं गलत होता, तो वहां पर मैं क्या बोलता? मैंने अपना करियर दांव पर लगाकर स्टेटमेंट लिखी थी। फिर जाकर मैंने पुलिस में वो सबमिट कराई, पेन और पेपर के साथ। पूरे LPU के सामने, पूरा LPU वहां खड़ा था। आई होप आप समझोगे इस बात को। बाकी जितने भी प्रूफ हैं, वो डिटेल में मैं डालता हूं।
रम्या ने वीडियो पोस्ट कर लगाए आरोप
रम्या मिश्रा नाम की इंस्टाग्राम आईडी से पोस्ट किए गए वीडियो में फरहात पर यूनिवर्सिटी में तोड़फोड़ करवाने के आरोप लगाए गए हैं। वीडियो में शेयर किए गए सीसीटीवी फुटेज को लेकर दावा किया गया कि DSW कार्यालय में यूनिवर्सिटी के छात्रों द्वारा जीती गई ट्रॉफियां रखी होती हैं।
वीडियो में दावा किया गया कि फरहात DSW कार्यालय में जाता है और वहां कुछ युवकों को अंदर आने के लिए कहता है। इसके बाद कुछ नकाबपोश युवक अंदर पहुंचते हैं। दावा है कि उनके हाथों में तेजधार हथियार थे और उन्होंने अंदर आते ही तोड़फोड़ शुरू कर दी।

पुलिस ने 3 और FIR दर्ज कीं
LPU विवाद में पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बयानों के आधार पर पहले रविवार को सतनाम थाने में रेप का मामला दर्ज किया था। अब पूरे विवाद से जुड़े तीन और मामलों में कार्रवाई की गई। 18 घंटे से ज्यादा समय तक नेशनल हाईवे जाम करने को लेकर सदर थाना फगवाड़ा में मंगलवार को एएसआई रोहित दीप के बयानों पर FIR दर्ज कर ली गई। सूत्रों के मुताबिक, इसके अलावा यूनिवर्सिटी के अंदर बने मॉल में लूटपाट और तोड़फोड़ को लेकर भी FIR दर्ज की है।
साथ ही रविवार शाम प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच हुए टकराव में पुलिस की तीन गाड़ियों में आग लगाए जाने के मामले में भी FIR दर्ज की गई। पुलिस ने फिलहाल अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इसके बाद सोशल मीडिया और मौके से मिले वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें नामजद किया जाएगा।
CCTV और यूनिवर्सिटी के डेटा से आरोपियों की पहचान
यूनिवर्सिटी कैंपस में हुई तोड़फोड़ और चोरी से जुड़े CCTV फुटेज और वायरल वीडियो पुलिस ने कब्जे में लेने शुरू कर दिए हैं। पुलिस नकाब पहनकर कैंपस में घुसे लोगों की पहचान कर रही है। इसके लिए यूनिवर्सिटी के डेटा बैंक की भी मदद ली जा रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल कितने लोग यूनिवर्सिटी के छात्र थे और कितने बाहरी थे।








